नवरात्रि से पहले घर में जरूर करें ये 7 काम, पूजा की तैयारी में नहीं होगी परेशानी

शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। पूजा से पहले घर की सफाई, मंदिर की व्यवस्था, घटस्थापना सामग्री और व्रत की तैयारी कर लें। जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और जरूरी बातें।

नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। कई घरों में घटस्थापना के साथ पूजा और व्रत की शुरुआत होती है। ऐसे में नवरात्रि शुरू होने से पहले घर और पूजा स्थल की तैयारी कर लेना अच्छा रहता है।

1. घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें

नवरात्रि से पहले घर की सफाई करना एक आम धार्मिक परंपरा है। खास तौर पर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें। पूजा में इस्तेमाल होने वाली चौकी, दीपक, घंटी और पूजा के बर्तनों को भी साफ करके रख लें। इससे पूजा के समय जरूरी सामान ढूंढने की परेशानी नहीं होगी।

2. मंदिर को व्यवस्थित करें

पूजा स्थल पर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर रखें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और पूजा की जरूरी सामग्री एक जगह व्यवस्थित कर लें। यदि आप अखंड ज्योति जलाने की परंपरा का पालन करते हैं, तो उसके लिए सुरक्षित स्थान और जरूरी व्यवस्था पहले से कर लें।

3. घटस्थापना की सामग्री जुटा लें

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। इसके लिए कलश, साफ जल, आम या अशोक के पत्ते, नारियल, लाल कपड़ा, अक्षत, रोली, फूल और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री अपनी परंपरा के अनुसार तैयार रखें। जौ बोने की परंपरा हो तो मिट्टी और पात्र की व्यवस्था भी पहले कर लें।

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4. पूजा के लिए सात्विक सामग्री तैयार रखें

व्रत रखने वाले श्रद्धालु फल, मेवे और व्रत में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री पहले से जुटा सकते हैं। पूजा के लिए फूल, माला, धूप, दीपक, कपूर और प्रसाद की व्यवस्था भी कर लें। इससे नवरात्रि के दौरान बार-बार बाजार जाने की जरूरत कम होगी।

5. घर के प्रवेश द्वार को सजाएं

कई परिवार नवरात्रि में घर के मुख्य द्वार पर तोरण लगाते हैं और रंगोली बनाते हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार प्रवेश द्वार को साफ करके सजा सकते हैं। सजावट ऐसी रखें कि घर के सदस्यों और आने-जाने वालों को परेशानी न हो।

6. पूजा और व्रत की दिनचर्या तय करें

नवरात्रि में रोज पूजा, आरती और प्रसाद की व्यवस्था करने के लिए समय पहले से तय कर लेना उपयोगी है। व्रत रखने वाले लोग अपनी सेहत और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भोजन की योजना बनाएं। यदि आप नौ दिनों तक विशेष पूजा या पाठ करना चाहते हैं, तो संबंधित पुस्तक और सामग्री भी तैयार रखें।

7. दान और सेवा के लिए भी समय निकालें

नवरात्रि में पूजा-पाठ के साथ जरूरतमंदों की सहायता और दान को भी महत्व दिया जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, कपड़े या जरूरी सामान दान कर सकते हैं। धार्मिक परंपराओं में सेवा और सद्भाव को भी विशेष स्थान दिया गया है।

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शारदीय नवरात्रि 2026: घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर 2026, रविवार को है। दिल्ली के लिए प्रकाशित पंचांग विवरण के मुताबिक, घटस्थापना का सुबह का शुभ मुहूर्त लगभग सुबह 6:32 बजे से 10:26 बजे तक बताया गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:48 बजे तक है। अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग से समय की पुष्टि करें।

नवरात्रि का नौ दिवसीय पूजा क्रम 19 अक्टूबर तक चलेगा और 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। पूजा की तैयारी श्रद्धा, स्वच्छता और अपनी पारिवारिक परंपराओं के अनुसार करें।