नई दिल्ली: बारिश का मौसम खत्म होने के बाद तापमान और नमी में बदलाव का असर सेहत पर पड़ सकता है। इस दौरान कई लोगों को सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश, वायरल फीवर और दूसरी मौसमी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों ने भी मानसून और मौसम बदलने के दौरान वायरल रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के मामलों में बढ़ोतरी की बात कही है। ऐसे समय में साफ-सफाई और पर्याप्त नींद के साथ संतुलित डाइट लेना भी जरूरी है।
डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों को शामिल करने से शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि, किसी एक सब्जी को संक्रमण रोकने का इलाज या गारंटी नहीं माना जा सकता। बरसात के बाद डाइट में शामिल की जाने वाली कुछ सब्जियों के बारे में जानिए।
1. गाजर
गाजर को पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों में गिना जाता है। इसमें बीटा-कैरोटीन समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। शरीर बीटा-कैरोटीन को विटामिन ए में बदल सकता है, जो सामान्य प्रतिरक्षा और आंखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। मौसम बदलने के दौरान सलाद या सब्जी के रूप में गाजर को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
2. पालक
पालक में फोलेट, आयरन और कई विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं। इसे अच्छी तरह धोकर और पर्याप्त पकाकर खाना बेहतर है। खासकर बारिश के आसपास के मौसम में पत्तेदार सब्जियों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि नमी और गंदगी के कारण इनके दूषित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
3. लौकी
लौकी हल्की और पानी से भरपूर सब्जियों में शामिल है। इसे सब्जी, सूप या दूसरे व्यंजनों के रूप में खाया जा सकता है। संतुलित भोजन में लौकी जैसी सब्जियां शामिल करने से फाइबर और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। मानसून डाइट में भी लौकी को उपयोगी सब्जियों में शामिल किया जाता है।
4. शिमला मिर्च
शिमला मिर्च में विटामिन सी समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन सी सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में भूमिका निभाता है। इसे सब्जी, सलाद या दूसरे व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसे खाने से वायरल संक्रमण पूरी तरह रुक जाएगा, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता।
5. ब्रोकली
ब्रोकली में फाइबर, विटामिन और कई अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। इसे उबालकर, हल्का पकाकर या अन्य सब्जियों के साथ बनाया जा सकता है। संतुलित डाइट में अलग-अलग रंग और प्रकार की सब्जियां शामिल करने से शरीर को विभिन्न पोषक तत्व मिल सकते हैं।
सब्जियों को खाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
बारिश के मौसम और उसके बाद सब्जियों की साफ-सफाई बेहद महत्वपूर्ण है। नमी और दूषित पानी के कारण सब्जियों पर बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे रोगजनकों का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना और जरूरत के मुताबिक अच्छी तरह पकाना जरूरी है।
पत्तेदार सब्जियों को विशेष सावधानी से साफ करें। कटी या खराब हो चुकी सब्जियों को खाने से बचें और उन्हें उचित तरीके से स्टोर करें। खुले में रखे कटे फल-सब्जियों तथा संदिग्ध साफ-सफाई वाले भोजन से भी दूरी रखना बेहतर है।
सिर्फ डाइट नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान
बदलते मौसम में संक्रमण से बचने के लिए केवल सब्जियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। साफ पानी पीना, हाथों की सफाई रखना, पर्याप्त नींद लेना और संतुलित भोजन करना जरूरी है। मानसून के दौरान दूषित पानी से कई तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए पीने के पानी की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
अगर तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को बदलते मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
बारिश के बाद बदलते मौसम में शरीर को पर्याप्त पोषण देना जरूरी है। गाजर, पालक, लौकी, शिमला मिर्च और ब्रोकली जैसी सब्जियों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इनके साथ साफ-सफाई, सुरक्षित पानी, पर्याप्त नींद और अच्छी हाइजीन का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।