एंथ्रोपिक के इस्तीफ़ा देने वाले रिसर्चर की AI पर चेतावनी, बोले- रफ्तार नहीं थमी तो मानवता पर मंडरा सकता है बड़ा खतरा

Anthropic के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने AI के तेजी से विकास पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर AI की मौजूदा रफ्तार नहीं थमी तो मानवता के सामने बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से हो रहे विकास को लेकर बहस के बीच एंथ्रोपिक के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि AI तकनीक जिस गति से आगे बढ़ रही है, अगर उसे नियंत्रित या धीमा नहीं किया गया तो भविष्य में इसके बेहद गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

कॉक्सन ने बीबीसी से बातचीत में AI के बढ़ते प्रभाव और इससे जुड़े संभावित जोखिमों पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि AI की क्षमताओं में तेजी से हो रहा विस्तार इस क्षेत्र में काम करने वाले कई लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। उनके मुताबिक, तकनीक के संभावित प्रभाव को लेकर कुछ AI विशेषज्ञ वास्तव में डरे हुए हैं।

वायरल इस्तीफा पोस्ट में भी जताई थी चिंता

27 वर्षीय जैकब कॉक्सन ब्रिटेन के रहने वाले हैं और उनका शोध AI मॉडल्स की ट्रेनिंग से जुड़ा रहा है। उन्होंने एंथ्रोपिक से इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी थी, जो चर्चा में आ गई। इस पोस्ट में उन्होंने AI के नियंत्रण से बाहर होने की आशंका और तकनीक के विकास की मौजूदा रफ्तार पर सवाल उठाए थे।

बीबीसी की लॉरा कुएन्सबर्ग से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने उस इस्तीफा पोस्ट पर भी चर्चा की। कॉक्सन ने कहा कि अगर AI के विकास की मौजूदा गति को नहीं रोका गया तो निकट भविष्य में मानवता के अस्तित्व पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने AI के संभावित खतरों को लेकर चिंता जताने वाले अन्य प्रमुख तकनीकी लोगों का भी जिक्र किया। इनमें टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन शामिल हैं।

एंथ्रोपिक प्रमुख ने भी धीमी रफ्तार की बात कही

कॉक्सन की चिंता ऐसे समय सामने आई है जब AI सुरक्षा और इसके तेजी से विकास को लेकर तकनीकी जगत में चर्चा तेज है। उनके पूर्व बॉस और एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई ने भी शनिवार को प्रकाशित एक लेख में AI के विकास की गति को धीमा करने की जरूरत पर जोर दिया है।

AI कंपनियां लगातार अधिक सक्षम मॉडल विकसित करने की दिशा में काम कर रही हैं। ऐसे में एक तरफ जहां समर्थक AI को स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और उत्पादकता जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव का माध्यम मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञ इसके नियंत्रण, सुरक्षा और मानव समाज पर दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

हालांकि, AI इंडस्ट्री में सभी लोग इन आशंकाओं से सहमत नहीं हैं। कुछ विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि AI से जुड़े खतरों को कई बार जरूरत से ज्यादा बढ़ाकर पेश किया जाता है। ऐसे में AI की तेज प्रगति और उसके संभावित जोखिमों के बीच संतुलन को लेकर बहस आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।