महाराष्ट्र: NCP विलय की अटकलों के बीच रोहित पवार की कांग्रेस से नजदीकी, राहुल गांधी के पोस्टरों ने बढ़ाया सस्पेंस

NCP विलय की अटकलों के बीच रोहित पवार की राहुल गांधी और कांग्रेस से बढ़ती नजदीकी ने महाराष्ट्र की सियासत में नया सस्पेंस पैदा कर दिया है।

पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय और रोहित पवार के कांग्रेस में जाने की अटकलों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। शरद पवार के पोते और NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार की कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बढ़ती नजदीकी को लेकर अब तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पुणे में राहुल गांधी के कार्यक्रम के स्वागत में रोहित पवार की ओर से लगाए गए पोस्टरों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।

राहुल गांधी के समर्थन में लगाए पोस्टर

रोहित पवार ने पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के स्वागत में बड़ी संख्या में पोस्टर लगवाए। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि क्या रोहित पवार भविष्य में कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।

रोहित पवार ने राहुल गांधी के प्रति अपनी राजनीतिक नजदीकी को लेकर कहा है कि उन्हें राहुल गांधी से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी महाराष्ट्र के विपक्ष के नेताओं के भी नेता हैं।

‘हमारी पार्टी के नाम में भी कांग्रेस’

रोहित पवार ने कांग्रेस से वैचारिक नजदीकी को लेकर कहा कि उनकी पार्टी के नाम में भी ‘कांग्रेस’ शब्द है और दोनों दलों की विचारधाराओं में कोई बड़ा अंतर नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शरद पवार लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं और कांग्रेस उनके लिए कोई नई पार्टी नहीं है। दोनों दल दशकों से सहयोगी रहे हैं।

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रोहित के मुताबिक फिलहाल महाराष्ट्र और केंद्र में 2029 में सत्ता में वापसी विपक्ष के सामने बड़ी चुनौती है। उनके इस बयान को कांग्रेस के साथ भविष्य में संभावित राजनीतिक तालमेल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

मार्च में राहुल गांधी से हुई थी मुलाकात

रोहित पवार और राहुल गांधी की नजदीकी की चर्चा नई नहीं है। इसी साल मार्च में रोहित पवार दिल्ली पहुंचे थे और उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात उनके चाचा और महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर हुई थी। उन्होंने राहुल गांधी को इस मामले से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की थी।

इसके बाद महाराष्ट्र में विमान हादसे के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर रोहित पवार कर्नाटक गए और बेंगलुरु में जीरो एफआईआर दर्ज कराई। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। इस घटनाक्रम के बाद उनकी कांग्रेस से नजदीकी की चर्चा और तेज हो गई।

NCP के दोनों गुटों के विलय की भी चर्चा

महाराष्ट्र में शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले NCP के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर भी लंबे समय से अटकलें चल रही हैं। जुलाई में कांग्रेस और NCP (शरदचंद्र पवार) के बीच संभावित विलय को लेकर बातचीत की खबरें भी सामने आई थीं।

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हालांकि, रोहित पवार ने अब दोनों NCP गुटों के विलय को लेकर एक शर्त रखी है। उनका कहना है कि अजित पवार के नेतृत्व वाला गुट अगर बीजेपी का साथ छोड़ता है, तभी दोनों राष्ट्रवादी गुटों के एक साथ आने की संभावना बन सकती है।

क्या NCP के विलय की स्थिति में कांग्रेस जाएंगे रोहित?

यही सवाल महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। अगर भविष्य में NCP के दोनों गुटों का कोई बड़ा राजनीतिक पुनर्गठन होता है, तो रोहित पवार के सामने भी राजनीतिक रास्ते को लेकर फैसला लेने की स्थिति बन सकती है।

कुछ समय पहले ऐसी अटकलें थीं कि अगर NCP (शरदचंद्र पवार) का किसी ऐसे गठबंधन या दल के साथ विलय होता है जिससे रोहित वैचारिक रूप से सहमत नहीं हैं, तो वह कांग्रेस का रुख कर सकते हैं। हालांकि, यह फिलहाल राजनीतिक अटकल है और रोहित पवार ने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।

राहुल गांधी जैसी राजनीति की भी हो रही तुलना

रोहित पवार पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र में किसानों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ अभियान चलाया है। उनके इस अंदाज की तुलना राहुल गांधी की राजनीतिक शैली से भी की जा रही है।

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हाल ही में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के खिलाफ भी रोहित पवार ने मोर्चा खोला था। पुणे में उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था और राहुल गांधी ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में प्रतिक्रिया दी थी।

पवार परिवार में बदल रहा सियासी समीकरण?

शरद पवार परिवार महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक रहा है। ऐसे में रोहित पवार की कांग्रेस से बढ़ती नजदीकी और NCP के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चाएं पवार परिवार के भविष्य के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं।

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। रोहित पवार कांग्रेस के करीब जरूर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी बदलने का ऐलान नहीं किया है। वहीं NCP के दोनों गुटों के विलय पर भी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में रोहित पवार की राजनीतिक दिशा और NCP के दोनों गुटों के बीच संभावित समझौते पर महाराष्ट्र की राजनीति की नजर रहेगी।