MP: प्रदेशभर में फैला डॉक्टर्स का आंदोलन,कई अस्पतालों में OPD बंद

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर MP के इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तेज हो गया। प्रदेशभर में OPD बंद रही, जबकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं।

भोपाल(9826019364)।

इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब प्रदेशव्यापी असर दिखा रहा है।

सोमवार को भोपाल में पुलिस कार्रवाई के बाद डॉक्टरों ने मंगलवार को सरकारी अस्पतालों की नियमित OPD बंद रखने का ऐलान किया है।

हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।

वहीं, इंदौर, रतलाम समेत प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न डॉक्टरों के काम से दूर रहने की जानकारी सामने आई है।

रातभर सड़क पर बैठे डॉक्टर

भोपाल में इंटर्न डॉक्टर रातभर कमला पार्क की सड़क पर डटे रहे।

दूसरी ओर, पुलिस ने CM हाउस की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी।

डॉक्टर सोमवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग लेकर मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च कर रहे थे।

लेकिन, उन्हें करीब 200 मीटर पहले रोक दिया गया था।

इसके बाद वाटर कैनन के इस्तेमाल और कथित लाठीचार्ज को लेकर विवाद बढ़ गया।

हमीदिया में मरीज परेशान

(सोमवार शाम सीएम हाउस जाने निकले इंटर्नस पर वाटर केनन से पानी छोड़ा गया।)

आंदोलन का सीधा असर मरीजों पर भी दिखाई दिया।

हमीदिया अस्पताल की OPD में 1,500 से ज्यादा मरीज पहुंचे।

कई मरीज घंटों कतार में खड़े रहे।

पर्चे बनने की व्यवस्था प्रभावित होने से परेशानी और बढ़ गई।

जिन मरीजों के पर्चे बन चुके थे, उन्हें GMC के प्रोफेसर देखने की व्यवस्था की गई।

अस्पताल के बाहर भी इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी रहा।

उनका कहना है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

जूडा भी आंदोलन के समर्थन में

अब जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन यानी जेडीए भी इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में उतर आया है।

मंगलवार को हमीदिया अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों ने नियमित OPD और इलेक्टिव OT के बहिष्कार का फैसला लिया है।

हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।

जेडीए के पदाधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन के साथ बातचीत हुई है।

फिर भी डॉक्टर तत्काल स्टाइपेंड बढ़ाने और सोमवार की पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग पर कायम हैं।

‘चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन’

मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय भी देर रात प्रदर्शन स्थल पहुंचे।

उन्होंने वाटर कैनन और लाठीचार्ज के आरोपों पर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि यदि इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेश का चिकित्सक समुदाय उनके साथ खड़ा रहेगा।

ABVP और FAIMA ने भी उठाई आवाज

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी कार्रवाई की निंदा की है।

संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

इसी तरह FAIMA इंडिया के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बल प्रयोग के बजाय संवाद से रास्ता निकाला जाना चाहिए।

जीतू पटवारी बोले- स्वास्थ्य मंत्री खुद मिलें

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से मिलने पहुंचे।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से सीधे बातचीत करने की मांग की।

पटवारी ने CM हाउस की ओर लगाए गए बैरिकेड्स पर भी सरकार को घेरा।

उन्होंने कहा कि रास्ते पर ऐसी बैरिकेडिंग की गई है,

मानो भारत-पाकिस्तान की सीमा बना दी गई हो।

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