सीहोर: बुलडोजर से सियासत गरम,दलदल में फंसी व्यवस्था; रेप केस में पुलिस के हाथ खाली

सीहोर में गौशाला पर कथित अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। वहीं बुधनी में चीलघर का बदहाल रास्ता बारिश में दलदल बन गया है, जिससे शव लेकर आने वाले परिजन परेशान हैं।

कन्हैया नाथ,भैरूंदा,सीहोर।

जिले में इन दिनों दो अलग-अलग मामले चर्चा में हैं।

एक ओर गौसेवा आश्रम पर प्रशासन की कथित अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है।

वहीं, दूसरी ओर बुधनी में पोस्टमार्टम कक्ष तक पहुंचने वाला रास्ता बारिश में दलदल बन गया है।

एक मामले में कांग्रेस ने प्रशासन और भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं।

दूसरे में स्थानीय लोगों ने बुनियादी सुविधा की बदहाली पर नाराजगी जताई है।

यानी एक तरफ बुलडोजर कार्रवाई पर राजनीति,

तो दूसरी तरफ मौत के बाद भी परिजनों की परेशानी सामने आई है।

🏗️ गौशाला पर बुलडोजर से गरमाई सियासत

सीहोर के सुदेश नगर स्थित श्री माधव महाकाल गौ आरोग्य आश्रम पर  प्रशासन ने कथित अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की।

तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बॉउंड्री से जुड़े हिस्से पर कार्रवाई की।

इसके बाद जिले की राजनीति गरमा गई।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधा।

उन्होंने शायराना अंदाज में कहा—

जलते घर को देखने वालों, फूस का छप्पर आपका है, आग के पीछे तेज हवा है, आगे मुकद्दर आपका है।”

कांग्रेस नेता ने इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल भी उठाए।

उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

हालांकि, प्रशासन की ओर से कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

🛣️ बुधनी में चीलघर तक पहुंचना मुश्किल

वहीं बुधनी में एक अलग समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।

सिविल अस्पताल और तहसील कार्यालय के बीच स्थित पोस्टमार्टम कक्ष

यानी चीलघर तक पहुंचने वाला रास्ता बारिश में कीचड़ और दलदल में बदल गया है।

इसका सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है,

जो अपने मृत परिजन का पोस्टमार्टम कराने के लिए यहां पहुंचते हैं।

परिजनों और पुलिसकर्मियों को कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है।

कई बार शव को कंधों पर उठाकर रास्ता पार करना पड़ता है।

वाहन उपलब्ध होने पर भी बदहाल रास्ते के कारण परेशानी कम नहीं होती।

🗣️ पूर्व पार्षद कंचन शर्मा ने उठाए सवाल

पूर्व पार्षद कंचन शर्मा ने कहा कि बुधनी में घोषणाएं ज्यादा और उनका क्रियान्वयन कम दिखाई देता है।

चीलघर तक पहुंचने वाला मार्ग इसका उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि बारिश में शव लेकर आने वाले परिजनों को भी कीचड़ से गुजरना पड़ रहा है।

उनके मुताबिक बुधनी में बस स्टैंड है, लेकिन पर्याप्त बसें नहीं हैं।

सिविल अस्पताल है, लेकिन पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि डेड बॉडी रखने दान में मिला फ्रीजर भी कई महीनों से बंद है।

कंचन शर्मा ने सवाल उठाया कि करीब 17 साल तक शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री

रहे और बुधनी उनका विधानसभा क्षेत्र रहा।

इसके बावजूद चीलघर तक पहुंचने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ?

⚖️ अधिवक्ता बोले- पक्की सड़क जरूरी

बुधनी केअधिवक्ता प्रमोद चौहान ने कहा कि बरसात में चीलघर तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में बदल जाता है।

शव लेकर आने वाले परिजनों को काफी परेशानी होती है।

उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग का स्थायी समाधान कराने और पक्की सड़क बनाने की मांग की।

वहीं कारोबारी राजीव दुबे→ ने भी समस्या पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में परिवारों को इस तरह की परेशानी से गुजरना व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि चीलघर तक बेहतर सड़क होना जरूरी है।

कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

🔎 दुष्कर्म के आरोपी की तलाश में पुलिस के हाथ खाली

इसी बीच सीहोर से जुड़े एक अन्य मामले में पुलिस एक दुष्कर्म के आरोपी की तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, एक महिला की शिकायत पर आरोपी अनुज के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

आरोप है कि महिला को झांसा देकर उसका दैहिक शोषण किया गया।

थाना प्रभारी संदीप सिंह मीना के अनुसार आरोपी फिलहाल फरार है।

उसकी लोकेशन मुरैना और गुजरात में मिलने पर पुलिस ने दोनों जगह तलाश की, लेकिन अब तक सुराग नहीं मिला है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश लगातार जारी है।

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