पाकिस्तान क्रिकेट में मचा भूचाल, बीच सीरीज 7 खिलाड़ियों को घर भेजने पर भड़के रमीज राजा; बोले- बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद PCB ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया और मुख्य कोच सरफराज अहमद को भी हटा दिया। पूर्व कप्तान रमीज राजा ने सीरीज के बीच हुए इस बड़े फेरबदल को लेकर बोर्ड की आलोचना की है।

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की लगातार खराब स्थिति के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऐसा बड़ा फेरबदल किया है, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। तीन मैचों की सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया, जबकि मुख्य कोच सरफराज अहमद को भी पद से हटा दिया गया। इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने PCB की जमकर आलोचना की है।

रमीज राजा ने टीम में सीरीज के बीच हुए इस बड़े बदलाव को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए असामान्य घटना बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी और क्या इस तरह के फैसलों से टीम की समस्या वास्तव में दूर हो सकती है।

रमीज राजा बोले- पाकिस्तान ने बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

रमीज राजा ने PCB के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान ने एक तरह से ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बना दिया है। उनके मुताबिक, किसी टेस्ट सीरीज के बीच टीम के कोचिंग स्टाफ और इतने खिलाड़ियों में एक साथ बदलाव करना बेहद असाधारण है।

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने इस घटनाक्रम की तुलना फुटबॉल से करते हुए कहा कि वहां भी अगर किसी क्लब का मैनेजर सीजन के बीच में हटाया जाता है तो यह बड़ी खबर होती है, लेकिन पाकिस्तान ने क्रिकेट में उससे भी ज्यादा बड़ा बदलाव कर दिया।

उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब PCB ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले टीम का चेहरा ही बदलने का फैसला किया है।

7 खिलाड़ियों को भेजा गया घर

PCB ने इंग्लैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद सात खिलाड़ियों को बाकी दौरे से बाहर कर दिया। इनमें मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम-उल-हक, अली उस्मान, आमेर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं। इनमें कुछ खिलाड़ी चोट और फिटनेस से भी जूझ रहे थे।

इन खिलाड़ियों की जगह कई नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है। इनमें सैम अयूब, अब्दुल्ला फजल और अराफात मिन्हास जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। कुछ खिलाड़ियों को पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है।

इस बड़े बदलाव का मकसद तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान को नई दिशा देना है।

मुख्य कोच सरफराज अहमद भी हटे

PCB ने केवल खिलाड़ियों पर ही कार्रवाई नहीं की। बोर्ड ने मुख्य कोच सरफराज अहमद को भी पद से हटा दिया। उन्हें अप्रैल 2026 में ही पाकिस्तान टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनाया गया था।

अब सफेद गेंद के कोच माइक हेसन तीसरे टेस्ट में टीम की कमान संभालने वाली कोचिंग व्यवस्था का हिस्सा होंगे। उनके साथ असिस्टेंट कोच एशले नॉफ्के भी जिम्मेदारी संभालेंगे।

इस फैसले के साथ पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर कोचिंग स्टाफ में बदलाव का सिलसिला चर्चा में आ गया है।

इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद खराब

पाकिस्तान के लिए इस टेस्ट सीरीज की सबसे बड़ी चिंता उसका बल्लेबाजी प्रदर्शन रहा है। टीम अब तक किसी भी पारी में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है

दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से हराकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने 389 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन पाकिस्तानी टीम 194 रन पर ही ऑलआउट हो गई।

इस मुकाबले में सऊद शकील ने 97 रन की शानदार पारी खेलकर अकेले संघर्ष किया, लेकिन वह शतक से महज तीन रन दूर रह गए। इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन ने मैच में आठ विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

PCB के फैसले पर उठ रहे सवाल

सीरीज के बीच में सात खिलाड़ियों को घर भेजने और कोच को हटाने के फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का एक वर्ग इसे दबाव में लिया गया फैसला बता रहा है।

रमीज राजा ने भी PCB की रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे ‘पैनिक बटन’ दबाने जैसा कदम बताया। उनका मानना है कि लगातार बड़े बदलाव करने के बजाय पाकिस्तान क्रिकेट को दीर्घकालिक योजना और स्थिरता की जरूरत है।

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर राशिद लतीफ ने भी PCB के फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि संकट को संभालने के बजाय इससे और बड़ा संकट पैदा हो सकता है।

अब तीसरे टेस्ट में क्या होगा?

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा। इंग्लैंड पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुका है, जबकि पाकिस्तान की नजर अब कम से कम आखिरी मुकाबला जीतकर दौरे का अंत बेहतर तरीके से करने पर होगी।

पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला केवल सीरीज का आखिरी मैच नहीं होगा, बल्कि नए खिलाड़ियों और बदले हुए कोचिंग सेटअप की पहली बड़ी परीक्षा भी होगी। PCB के बड़े बदलावों के बाद अब देखना होगा कि नई टीम मैदान पर कितना असर छोड़ पाती है।