NSUI के प्रदर्शन में हंगामा: पुलिस से धक्का-मुक्की, 4 महिला पुलिसकर्मी घायल

छिंदवाड़ा के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में NSUI प्रदर्शन के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। चार महिला पुलिसकर्मी घायल हुईं, जबकि ABVP के पहुंचने पर दोनों छात्र संगठन आमने-सामने आ गए और तनाव बढ़ गया।

छिंदवाड़ा।

17 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे NSUI कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन हंगामे में बदल गया।

बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और छात्रों में धक्का-मुक्की हुई।

इस दौरान चार महिला पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई।

एक महिला पुलिसकर्मी की तबीयत बिगड़ गई।

इसके बाद उसे व्हीलचेयर से प्राचार्य कक्ष तक ले जाना पड़ा।

हालांकि, मामला यहीं नहीं थमा।

इसी बीच ABVP कार्यकर्ताओं के कॉलेज परिसर में पहुंचने से तनाव और बढ़ गया।

NSUI और ABVP कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।

दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पहले प्रदर्शन, फिर बैरिकेडिंग पर टकराव

NSUI जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र दोपहर करीब 12 बजे कॉलेज का घेराव करने पहुंचे थे।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी।

छात्र आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

पहले बहस हुई और फिर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

इसी दौरान चार महिला पुलिसकर्मी चोटिल हो गईं।

ABVP के पहुंचते ही बढ़ा तनाव

प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ता भी कॉलेज परिसर में पहुंच गए।

इसके बाद दोनों छात्र संगठनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

सूचना मिलने पर CSP अभिषेक चौधरी मौके पर पहुंचे।

इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भी झूमाझटकी की स्थिति बनी।

अधिकारियों ने दोनों पक्षों को अलग कर हालात नियंत्रित करने का प्रयास किया।

प्राचार्य कक्ष में भी जारी रहा विवाद

हंगामे के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे प्राचार्य कक्ष पहुंचे।

यहां ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई।

छात्रों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और भेदभाव के आरोप लगाए।

माहौल गर्माता देख ASP ने छात्रों को अनुशासन में रहने की हिदायत दी।

पहले से थी सूचना, फिर कैसे भिड़े दो संगठन?

NSUI का दावा है कि प्रदर्शन की सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी गई थी और अनुमति भी ली गई थी।

इसके बावजूद कॉलेज परिसर में NSUI और ABVP कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य सवाल यह है कि संभावित टकराव की आशंका के बावजूद दोनों छात्र संगठनों को आमने-सामने आने से क्यों नहीं रोका जा सका।

17 सूत्रीय मांगों को लेकर किया था प्रदर्शन

NSUI ने छात्र संघ चुनाव जल्द प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग उठाई।

संगठन ने कॉलेज परिसर में कथित अवैध कब्जे और अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाने की भी मांग की।

इसके अलावा परीक्षा और रिजल्ट से जुड़ी समस्याओं का समाधान,

समय पर छात्रवृत्ति और मार्कशीट उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।

NSUI ने रिक्त शैक्षणिक पदों पर भर्ती, लाइब्रेरी विस्तार,

खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था की मांग भी की।

साथ ही करियर काउंसलिंग, प्लेसमेंट, हेल्प डेस्क और कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग 17 सूत्रीय ज्ञापन में शामिल रही।

प्रदर्शन में NSUI जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनू मांगो,

युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोलू पटेल और कांग्रेस प्रवक्ता नितिन उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

वहीं, पुलिस की ओर से CSP अभिषेक चौधरी, कुंडीपुरा थाना प्रभारी महेंद्र भगत

और अन्य अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे।