जर्मनी ने पुरुष हॉकी विश्व कप में एक बार फिर अपना दबदबा साबित किया है। बेल्जियम के वावरे में खेले गए फाइनल में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ जर्मनी ने विश्व कप का चौथा खिताब जीत लिया और सबसे ज्यादा पुरुष हॉकी विश्व कप ट्रॉफी जीतने के मामले में पाकिस्तान की बराबरी कर ली।
फाइनल में सिर्फ एक गोल से हुआ फैसला
जर्मनी और स्पेन के बीच खिताबी मुकाबला बेहद कड़ा रहा। दोनों टीमों ने रक्षात्मक रूप से मजबूत खेल दिखाया और शुरुआती तीन क्वार्टर में स्कोर बराबर रहा।
मुकाबले का निर्णायक गोल जर्मनी के मिशेल स्ट्रुथॉफ ने 44वें मिनट में किया। उन्होंने ओपन प्ले से मिले मौके को गोल में बदलकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद स्पेन ने बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाया, लेकिन जर्मन डिफेंस को भेदने में कामयाब नहीं हो सका।
स्पेन ने बनाए कई मौके, लेकिन गोल नहीं कर सका
फाइनल में स्पेन ने लंबे समय तक गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और जर्मनी के गोल पोस्ट पर लगातार हमले किए। टीम को पेनल्टी कॉर्नर के भी कई मौके मिले, लेकिन जर्मनी की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने हर बार खतरे को टाल दिया।
जर्मनी की ओर से भी पेनल्टी कॉर्नर का मौका मिला, लेकिन वह उसे गोल में नहीं बदल सकी। आखिरकार स्ट्रुथॉफ का एकमात्र गोल ही दोनों टीमों के बीच अंतर साबित हुआ।
जर्मनी ने पाकिस्तान की बराबरी की
2026 का खिताब जर्मनी के लिए बेहद खास है। यह उसका चौथा पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब है। इससे पहले जर्मनी ने 2002, 2006 और 2023 में ट्रॉफी जीती थी।
अब 2026 की जीत के साथ जर्मनी ने पाकिस्तान के चार विश्व कप खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। पाकिस्तान ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में पुरुष हॉकी विश्व कप जीता था।
लगातार दूसरी बार चैंपियन बना जर्मनी
जर्मनी ने 2023 में भी विश्व कप का खिताब जीता था। ओडिशा में हुए पिछले संस्करण के फाइनल में उसने बेल्जियम को शूटआउट में हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी।
2026 में स्पेन को हराकर जर्मनी ने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। FIH के मुताबिक, जर्मनी पुरुष हॉकी विश्व कप में लगातार दो संस्करणों में खिताब बचाने वाली पहली टीम बन गई है।
स्पेन का पहली बार चैंपियन बनने का सपना टूटा
स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। टीम के पास पहली बार पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब जीतने का मौका था, लेकिन जर्मनी ने उसके सपने को पूरा नहीं होने दिया।
फाइनल में हार के बावजूद स्पेन का टूर्नामेंट प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। टीम ने सेमीफाइनल में मेजबान नीदरलैंड्स को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
जर्मनी की डिफेंस बनी जीत की बड़ी वजह
फाइनल में जर्मनी की जीत का सबसे बड़ा आधार उसकी मजबूत डिफेंस रही। स्पेन ने बराबरी का गोल करने के लिए कई बार जर्मनी के सर्कल में दबाव बनाया, लेकिन जर्मन खिलाड़ियों ने लगातार हमलों को नाकाम किया।
गोलकीपर जीन-पॉल डैनेबर्ग ने भी अहम मौकों पर शानदार बचाव किए। जर्मनी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी रक्षात्मक मजबूती का परिचय दिया और फाइनल में भी इसी रणनीति के दम पर खिताब बरकरार रखा।
जर्मनी के चार विश्व कप खिताब
जर्मनी के विश्व कप खिताब अब इस प्रकार हैं:
- 2002 — चैंपियन
- 2006 — चैंपियन
- 2023 — चैंपियन
- 2026 — चैंपियन
2026 की जीत के बाद जर्मनी और पाकिस्तान दोनों के नाम पुरुष हॉकी विश्व कप के चार-चार खिताब हो गए हैं।
पाकिस्तान का रिकॉर्ड भी हुआ साझा
पाकिस्तान लंबे समय से पुरुष हॉकी विश्व कप के इतिहास में सबसे सफल टीमों में शामिल रहा है। उसने चार बार ट्रॉफी जीती, लेकिन 1994 के बाद से वह दोबारा विश्व कप नहीं जीत सका है।
अब जर्मनी ने चौथी बार खिताब जीतकर पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इस तरह दोनों टीमें टूर्नामेंट के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली टीम बन गई हैं।
भारत का अभियान कैसा रहा?
2026 पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत खिताबी दौड़ में आगे नहीं बढ़ सका और उसे आठवें स्थान पर संतोष करना पड़ा। जर्मनी के चैंपियन बनने के साथ टूर्नामेंट का समापन हुआ।
FIH Men’s Hockey World Cup 2026 का खिताब जर्मनी ने अपने नाम कर लिया है। फाइनल में स्पेन को 1-0 से हराकर जर्मनी ने लगातार दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीती। मिशेल स्ट्रुथॉफ का 44वें मिनट में किया गया गोल निर्णायक साबित हुआ। चौथे खिताब के साथ जर्मनी ने पाकिस्तान की बराबरी कर ली और पुरुष हॉकी विश्व कप के इतिहास की सबसे सफल टीमों में अपनी जगह और मजबूत कर ली।