Smartphone Price Hike: सितंबर में महंगे हो सकते हैं स्मार्टफोन, Apple भी बढ़ा सकता है iPhone की कीमत

मेमोरी चिप और अन्य कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के कारण स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। OnePlus समेत कुछ कंपनियां कीमतें बढ़ा चुकी हैं और अब Apple के iPhone 18 Pro की कीमत में भी बढ़ोतरी की रिपोर्ट सामने आ रही है। हालांकि, Apple ने अभी भारत में नई iPhone कीमतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

नई दिल्ली: भारत में स्मार्टफोन खरीदने वालों को आने वाले दिनों में बड़ा झटका लग सकता है। मेमोरी चिप और दूसरे प्रमुख कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों का असर अब मोबाइल फोन की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। कई कंपनियां अपने चुनिंदा स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ा चुकी हैं और अब Apple के iPhone भी महंगे होने की संभावना जताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple सितंबर में नई iPhone सीरीज लॉन्च करने के साथ कीमतों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक नई कीमतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Apple का अगला बड़ा लॉन्च इवेंट 9 सितंबर 2026 को होने वाला है, जहां नई iPhone सीरीज पेश किए जाने की उम्मीद है।

क्यों बढ़ रही हैं स्मार्टफोन की कीमतें?

स्मार्टफोन की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव DRAM और NAND मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत से पड़ रहा है। दुनियाभर में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेमोरी और सेमीकंडक्टर की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके चलते स्मार्टफोन कंपनियों के लिए जरूरी कंपोनेंट्स की लागत भी बढ़ रही है।

इसका असर सिर्फ Apple पर नहीं है। Samsung, Google और दूसरी कंपनियां भी बढ़ती कंपोनेंट लागत के बीच अपने कुछ डिवाइस की कीमतें बढ़ा रही हैं। भारत में OnePlus ने भी अगस्त में अपने कुछ Nord और N सीरीज स्मार्टफोन की कीमतों में 4,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी।

iPhone कितना महंगा हो सकता है?

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आने वाले iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत अमेरिका में करीब 1,199 डॉलर हो सकती है। यह पिछली पीढ़ी के मुकाबले लगभग 100 डॉलर ज्यादा होगी।

भारत में कुछ रिपोर्ट्स संभावित रूप से 10,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की बात कर रही हैं। हालांकि, यह आंकड़ा फिलहाल अनुमान है और Apple की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

संभावित कीमत इस बात पर भी निर्भर करेगी कि Apple बढ़ी हुई उत्पादन लागत का कितना हिस्सा ग्राहकों पर डालता है और कितना खुद वहन करता है।

Apple पहले ही बढ़ा चुका है Mac और iPad की कीमत

Apple के लिए कंपोनेंट लागत बढ़ना कोई नई चुनौती नहीं है। कंपनी ने 2026 में कुछ Mac और iPad मॉडल की कीमतें बढ़ाई हैं। इन बढ़ोतरी को बढ़ती मेमोरी और स्टोरेज चिप लागत से जोड़कर देखा गया है।

अब बाजार की नजर iPhone पर है। Apple के लिए iPhone उसका सबसे महत्वपूर्ण उत्पाद है, इसलिए कंपनी कीमत बढ़ाने से पहले ग्राहकों की मांग और प्रतिस्पर्धियों की कीमतों को भी ध्यान में रख सकती है।

सिर्फ Apple ही नहीं, दूसरे फोन भी होंगे महंगे?

स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कंपोनेंट लागत बढ़ने का असर पहले से दिख रहा है। Counterpoint Research के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में सालाना आधार पर 7 फीसदी की गिरावट आई, जबकि मेमोरी की कमी और बढ़ती कीमतों ने कंपनियों पर दबाव बढ़ाया।

ऐसे माहौल में कंपनियों के सामने दो विकल्प हैं—या तो बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा खुद वहन करें या फिर फोन की कीमतें बढ़ाकर इसका बोझ ग्राहकों पर डालें।

iPhone खरीदने वालों को क्या करना चाहिए?

अगर आप नया iPhone खरीदने की योजना बना रहे हैं तो सितंबर में आने वाली नई सीरीज की आधिकारिक कीमतों का इंतजार करना बेहतर होगा। फिलहाल सामने आ रहे 10,000 रुपये तक की बढ़ोतरी के आंकड़ों को संभावित कीमत वृद्धि के तौर पर ही देखना चाहिए।

Apple 9 सितंबर को अपने नए iPhone मॉडल पेश करने वाला है। इसी लॉन्च के दौरान कंपनी की नई कीमतों से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमत और वैश्विक सप्लाई दबाव के कारण स्मार्टफोन बाजार में कीमतें बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। OnePlus समेत कुछ कंपनियां पहले ही कीमतों में बदलाव कर चुकी हैं और अब Apple के iPhone को लेकर भी कीमत बढ़ने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, भारत में iPhone की अंतिम कीमत कितनी बढ़ेगी, इसका फैसला Apple की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।