नितिन नबीन ने नई BJP टीम के साथ की पहली बैठक, चुनावी रणनीति और बूथ मजबूत करने पर जोर

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने नई राष्ट्रीय टीम के साथ पहली बैठक की। इसमें आगामी विधानसभा चुनावों, बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। नई टीम में 65 पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 51 नए चेहरे हैं।

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार को पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक की। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपने पर भी विचार किया गया। भाजपा का फोकस जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क मजबूत करने पर है।

विधानसभा चुनावों की तैयारी पर फोकस

बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति पर विशेष चर्चा हुई। नेताओं ने बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने तथा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

पार्टी की ओर से दिन में आगे भी कई बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और राज्य प्रभारी शामिल हो सकते हैं। इन बैठकों में संबंधित राज्यों में संगठन की स्थिति और आगामी चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

नई राष्ट्रीय टीम में 65 पदाधिकारी

भाजपा ने इसी सप्ताह नितिन नबीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। नई टीम में कुल 65 पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 51 नए चेहरे हैं।

नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी राम माधव समेत 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को आठ राष्ट्रीय महासचिवों में शामिल किया गया है।

वहीं बीएल संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बरकरार रखा गया है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल भी महासचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।

महिलाओं और अल्पसंख्यक नेताओं को भी जगह

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में 12 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े छह नेता शामिल किए गए हैं। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में यह बदलाव आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले भी वह मई 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के गठन से पहले इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

IT विभाग और युवा मोर्चे में भी बदलाव

भाजपा ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में भी बदलाव किया है। पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय को पद से हटाकर छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को नई जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं गुजरात के हेमांग जोशी को भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या की जगह ली है।

एक दशक बाद बड़ा संगठनात्मक फेरबदल

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में हुआ यह बदलाव संगठन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2015 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कार्यकाल में हुए बड़े फेरबदल के बाद इसे पार्टी का सबसे बड़ा संगठनात्मक बदलाव बताया जा रहा है।

नई टीम के गठन के बाद संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, पार्टी की तत्काल प्राथमिकता आगामी चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियों को गति देना नजर आ रही है।