OT टेक्नीशियन की भर्ती अटकी,मेरिट लिस्ट और 288 नियुक्तियों पर HC का ब्रेक

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 288 OT टेक्नीशियन पदों की भर्ती में मेरिट लिस्ट और नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगाई। विवाद भर्ती शुरू होने के बाद पात्रता नियम बदलने से जुड़ा है। अगली सुनवाई 5 सितंबर को होगी।

जबलपुर।

मध्य प्रदेश में OT टेक्नीशियन भर्ती विवाद अदालत पहुंच गया है।

अब हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है।

कोर्ट ने 31 मार्च 2026 की मेरिट लिस्ट पर रोक लगाई है।

इसके आधार पर हुई नियुक्तियां भी फिलहाल प्रभावित रहेंगी।

इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल(PEB) से जवाब मांगा है।

भर्ती के बीच बदली पात्रता, यहीं से शुरू हुआ विवाद

मामला 288 OT टेक्नीशियन पदों की भर्ती से जुड़ा है।

याचिकाकर्ताओं ने पात्रता नियम बदलने पर आपत्ति जताई है।

उनका कहना है कि आवेदन विज्ञापन की मूल शर्तों पर किए गए थे।

हालांकि, बाद में पात्रता से जुड़े नियम बदल दिए गए।

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को राजपत्र अधिसूचना जारी हुई।

इसके जरिए पात्रता प्रावधानों में बदलाव किया गया।

यहीं से भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।

मेरिट पहले बनी, नियम बाद में बदले

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट के सामने समय-सीमा का मुद्दा उठाया।

उनका दावा है कि मेरिट लिस्ट 31 मार्च 2026 को जारी हुई थी।

इसके बाद पात्रता नियमों में 10 अगस्त 2026 को संशोधन किया गया।

उनका तर्क है कि बाद का संशोधन पुरानी भर्ती पर लागू नहीं होना चाहिए।

इससे मूल पात्रता वाले अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

नए अभ्यर्थियों को लाभ देने का आरोप

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आर्यन उर्मलिया ने पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि भर्ती शुरू होने के बाद नियम बदलना उचित नहीं है।

उनके मुताबिक, इससे नए अभ्यर्थियों को पात्रता का लाभ मिल सकता है।

याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का भी हवाला दिया गया।

साथ ही, समान अवसर के अधिकार का मुद्दा उठाया गया।

निजी संस्थानों की डिग्री पर नहीं है आपत्ति

याचिकाकर्ताओं ने अपना पक्ष भी स्पष्ट किया है।

उनका कहना है कि निजी संस्थानों की योग्यता को मान्यता देने पर आपत्ति नहीं है।

हालांकि, उनकी मांग है कि नया नियम भविष्य की भर्तियों में लागू हो।

मौजूदा भर्ती में मूल विज्ञापन की शर्तें ही लागू रहनी चाहिए।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से यही राहत मांगी है।

मेरिट लिस्ट और नियुक्तियों पर अंतरिम रोक

मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ में हुई।

कोर्ट ने प्रथमदृष्टया मामले को विचारणीय माना।

इसके बाद 31 मार्च 2026 की मेरिट लिस्ट पर अंतरिम रोक लगा दी गई।

इस मेरिट के आधार पर हुई नियुक्तियां भी फिलहाल रोक के दायरे में रहेंगी।

आगे की नियुक्तियों पर भी असर पड़ेगा।

राज्य शासन, संबंधित विभागों और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी किए गए हैं।

अब 5 सितंबर को अगली सुनवाई

याचिकाकर्ताओं ने संशोधित पात्रता नियम लागू नहीं करने की मांग की है।

वे मूल विज्ञापन के आधार पर नई मेरिट चाहते हैं।

अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर रहेगी।

मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर 2026 को होगी।