प्रदर्शन:सीएम हाउस की ओर बढ़े नर्सिंग छात्र, पॉलीटेक्निक चौराहे पर डटे

भोपाल में नर्सिंग छात्र सीएम हाउस घेरने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने पॉलीटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। छह साल से परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन की समस्याओं से जूझ रहे छात्र लिखित समाधान की मांग पर अड़े हैं।

भोपाल(9826019364)।

नर्सिंग शिक्षा की उलझनों में फंसे छात्र अब सड़क पर उतर आए हैं।

बुधवार को प्रदेश के कई जिलों से छात्र-छात्राएं भोपाल पहुंचे।

उनका लक्ष्य सीएम हाउस तक पहुंचकर सरकार के सामने अपनी बात रखना था।

हालांकि, पुलिस ने उन्हें पॉलीटेक्निक चौराहे पर रोक दिया।

इसके बाद छात्र सड़क पर ही डट गए।

वे आगे जाने की अनुमति मांगते रहे।

दूसरी ओर, पुलिस उन्हें प्रदर्शन स्थल खाली करने के लिए समझाती रही।

छह साल से अटका भविष्य, अब सड़कों पर आक्रोश

छात्रों का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी अनियमितताओं का खामियाजा वे वर्षों से भुगत रहे हैं।

कई विद्यार्थियों की परीक्षाएं समय पर नहीं हो सकीं।

कुछ की डिग्री अटकी है।

कई को अब तक रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिला है।

इसके अलावा छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं ने भी उनकी परेशानी बढ़ा दी है।

छात्रों का कहना है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद भी उनका करियर आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

कॉलेजों की गलती की सजा छात्रों को क्यों?

प्रदर्शन में B.Sc. Nursing और GNM के विद्यार्थी शामिल हुए।

छात्रों ने कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

उनका कहना है कि किसी कॉलेज को मान्यता देना छात्रों के हाथ में नहीं था।

यदि मान्यता प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है,

तो जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की तय होनी चाहिए।

लेकिन, छात्रों का आरोप है कि कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बीच उनका भविष्य फंस गया है।

लिखित आश्वासन के बिना आंदोलन खत्म नहीं

प्रदर्शनकारी मनोज रजक ने सरकार से तत्काल निर्णय की मांग की।

छात्रों ने साफ कहा कि अब केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं होगा।

उनकी मांग है कि सरकार समाधान का लिखित भरोसा दे।

इसके बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान कई छात्र भावुक भी नजर आए।

कुछ छात्र सड़क पर बैठकर डिग्री और परीक्षा की मांग करते रहे।

उनका कहना है कि शिक्षा पूरी करने के बावजूद वे अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें

नर्सिंग मामले की स्पेशल बेंच के माध्यम से जल्द सुनवाई कराई जाए।

B.Sc. Nursing और GNM के सभी वर्गों की परीक्षाएं बिना देरी कराई जाएं।

Suitable और unsuitable श्रेणी के विद्यार्थियों को भी परीक्षा में शामिल किया जाए।

ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों के छात्रों की समस्या का समाधान किया जाए।

बैच 2020-21 के विद्यार्थियों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाए।

छात्रवृत्ति से जुड़ी लंबित समस्याओं का जल्द निराकरण हो।

कॉलेजों की मान्यता में हुई अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जाए।

विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित होने से बचाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।

करियर बचाने की लड़ाई

छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन केवल परीक्षा या डिग्री के लिए नहीं है।

यह उनके पूरे करियर का सवाल है।

उनके मुताबिक, देरी से आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

नौकरी के अवसर भी हाथ से निकल रहे हैं।

इसलिए अब वे चाहते हैं कि सरकार समयबद्ध फैसला करे और वर्षों से अटकी प्रक्रिया को पूरा कराए।