सिंगरौली/भोपाल।
रिवॉल्विंग चेयर, बड़ी स्क्रीन और फर्राटेदार अंग्रेजी ने युवक को सोशल मीडिया पर ‘वकील’ बना दिया।
लेकिन हाईकोर्ट की नजर पड़ते ही उसकी पूरी ‘रील कोर्ट’ की कहानी सामने आ गई।
सिंगरौली के अमित तिवारी ने अपने कमरे में कथित हाईकोर्ट जैसा सेट तैयार किया था।
वह बड़ी स्क्रीन के सामने बैठकर कानूनी दलीलें देने के वीडियो बनाता था।
वीडियो देखकर लगता था कि वह ऑनलाइन सुनवाई में किसी मामले की पैरवी कर रहा है।
जांच में पता चला कि वीडियो असली अदालत की कार्यवाही नहीं थे।

🎬 दोस्तों के साथ बनाता था ‘कोर्ट वाली रील’
पुलिस के अनुसार अमित लाइक, व्यूज और पहचान बनाने के लिए वीडियो तैयार करता था।
वह दोस्तों से वीडियो शूट करवाता और खुद को प्रभावशाली वकील की तरह पेश करता था।
कमरे में लैपटॉप, कानून की किताबें और इंटरनेट उपकरण रखे गए थे।
बड़ी स्क्रीन पर जजों और वकीलों से जुड़े दृश्य दिखाकर असली सुनवाई जैसा माहौल बनाया जाता था।
😲 गांव वाले भी मान बैठे असली वकील
अमित एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन उसकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई थी।
इसके बावजूद वह खुद को हाईकोर्ट में बहस करने वाला वकील बताता था।
उसके वीडियो देखकर गांव के कुछ लोग भी उसकी छवि से प्रभावित हुए।
एक बुजुर्ग अपनी बेटी के घरेलू विवाद को लेकर उसके पास मदद मांगने पहुंच गए थे।
🤖 AI से तैयार करता था सोशल मीडिया कंटेंट
पुलिस के मुताबिक, अमित सोशल मीडिया पोस्ट और स्क्रिप्ट बनाने में एआई की मदद लेता था।
वायरल वीडियो के बाद मामला मप्र हाईकोर्ट के संज्ञान में पहुंच गया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जबलपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान सिंगरौली निवासी अमित तिवारी के रूप में हुई।
इसके बाद मामला सिंगरौली पुलिस को भेज दिया गया।
⚖️ रील का ‘वकील’ पहुंचा जेल

बैढ़न पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने उसके घर से लैपटॉप, सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
इन उपकरणों को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
पुलिस अब वीडियो निर्माण और प्रसार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच रही है।