भोपाल।
मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश का असर दिख रहा है।
भोपाल समेत कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
राजधानी भोपाल में 11 अगस्त को नर्सरी से 12वीं तक सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
राजधानी में सड़क, रेलवे ट्रैक, मंदिर, थाना और घरों तक पानी पहुंच गया है।
वहीं, सीहोर, शाजापुर, विदिशा और रायसेन में नदी-नालों के उफान से आवागमन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने भी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
भोपाल में 200 घरों के आसपास जलभराव
कलेक्टर श्री @PriyankM_IAS ने राजधानी भोपाल स्थित बाणगंगा एवं इसके समीपस्थ क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया।
मानसून अवधि के दौरान आमजनों को संभावित असुविधाओं से मुक्त रखने और नगरीय व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूर्णतः सजग एवं कटिबद्ध है। #Bhopal pic.twitter.com/imIBnolL3U
— Collector Bhopal (@CollectorBhopal) August 10, 2026
राजधानी के सेमरा इलाके में करीब 200 घरों के आसपास पानी भरने की स्थिति बनी है।
कई जगह पानी 5 से 6 फीट तक पहुंचने की बात सामने आई है।
इसके चलते लोगों को घरों में ही रहने को मजबूर होना पड़ा।
लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है।
मंदिर, थाना और रेलवे ट्रैक तक पानी

(बीती रात तेज आंधी—बारिश के दौरान पर्यावास भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा शीशम का एक विशाल वृक्ष धराशायी हो गया। गनीमत है,हादसा रात में हुआ। उस वक्त पर्यावास परिसर में इक्का-दुक्का गार्ड्स ही मौजूद थे।)
शहर भोपाल में भारी बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा।
कई निचले इलाकों में पानी घरों और सरकारी परिसरों तक पहुंच गया।
मंदिर और थाना परिसर में भी पानी भरने की स्थिति सामने आई।
वहीं, कुछ जगह रेलवे ट्रैक पर भी जलभराव हुआ है।
इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ईंटखेड़ी पहुंचे कलेक्टर, जलनिकासी के निर्देश
कलेक्टर @PriyankM_IAS ने ईंटखेड़ी तहसील हुजूर में जलभराव क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
➡️ @mismprdc को ईंटखेड़ी ब्रिज के दोनों और लाइट और रेडियम लगाने के निर्देश दिए
➡️आपदा मित्र एवं सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को एक्टिव करने के निर्देश दिए pic.twitter.com/uNtTUGQZJF
— Collector Bhopal (@CollectorBhopal) August 10, 2026
बारिश के बीच भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा रात में ईंटखेड़ी पहुंचे।
उन्होंने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने अधिकारियों से जलनिकासी और आम लोगों की सुरक्षा के इंतजामों की जानकारी ली।
साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
ईंटखेड़ी पुल के दोनों ओर रेडियम संकेतक और लाइट लगाने के निर्देश भी दिए गए।
इसका उद्देश्य बारिश और रात में हादसों का खतरा कम करना है।
इसके अलावा आपदा मित्र और सिविल डिफेंस की टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।
राजधानी में 11 अगस्त को सभी स्कूल बंद

लगातार बारिश को देखते हुए भोपाल जिले में 11 अगस्त को स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
जिला शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार नर्सरी से 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूल बंद रहेंगे।
इसमें MPBSE, CBSE, ICSE और अन्य बोर्ड के स्कूल भी शामिल हैं।
हालांकि, स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयीन समय में उपस्थित रहेंगे।
संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति का सत्यापन भी कराया जाएगा।
विदिशा में बेतवा उफान पर, 17 लोगों का रेस्क्यू
विदिशा में बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
यहां बच्चों समेत 17 लोग पानी में फंस गए थे। बाद में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
वहीं, शाजापुर में कालीसिंध नदी उफान पर है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
रायसेन में पुल के ऊपर से बह रहा पानी
रायसेन में घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
नदी पर बने पुल के करीब 8 फीट ऊपर तक पानी बहने की जानकारी सामने आई है।
इसके कारण आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने लोगों को जोखिम वाले रास्तों से बचने की सलाह दी है।
ब्यावरा में 25 गांवों का संपर्क प्रभावित
ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भर गया।
इसके चलते करीब 25 गांवों का संपर्क टूटने की स्थिति बनी।
मंडला में नर्मदा का जलस्तर कुछ कम हुआ है।
हालांकि, छोटा पुल अब भी पानी में डूबा हुआ है। इससे स्थानीय आवाजाही प्रभावित है।
कई जिलों में जोरदार बारिश

पिछले 24 घंटे में कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नर्मदापुरम में 5 इंच, रायसेन में 4.9 इंच, राजगढ़ और शाजापुर में 4.5 इंच तथा सीहोर में 4 इंच बारिश हुई।
राजधानी भोपाल में भी भारी बारिश के कारण डैमों में पानी बढ़ रहा है।
सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला, ब्यावरा, बैरसिया और अकोदिया में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मंदसौर में फिर सक्रिय हुआ मानसून
