लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों में हो सकती हैं ये परेशानियां, जानिए कैसे रखें सेहत का ख्याल

डॉक्टर पाल मानिकम ने खड़े रहने के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डाला, जिसमें वैरिकाज़ नसें और गहरी शिरा घनास्त्रता शामिल हैं

लंबे समय तक लगातार खड़े रहना पैरों और नसों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। खासकर ऐसे लोगों में जो अपने काम के दौरान कई घंटों तक खड़े रहते हैं, पैरों में दर्द, भारीपन, सूजन और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों में रक्त के जमाव की स्थिति भी बढ़ सकती है, जिससे कुछ लोगों में वैरिकाज़ नसों जैसी समस्या का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि, हर व्यक्ति में लंबे समय तक खड़े रहने से गंभीर बीमारी विकसित हो, यह जरूरी नहीं है। जोखिम उम्र, जीवनशैली और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

लंबे समय तक खड़े रहने से क्या होता है?

जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक एक ही स्थिति में खड़ा रहता है, तो पैरों की नसों पर दबाव बढ़ सकता है। गुरुत्वाकर्षण के कारण पैरों से रक्त को वापस हृदय तक पहुंचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

इस दौरान पैरों में भारीपन, दर्द, थकान और हल्की सूजन महसूस हो सकती है। लंबे समय तक लगातार खड़े रहने वाले लोगों में पैरों की मांसपेशियों और नसों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

वैरिकाज़ नसों का खतरा

वैरिकाज़ नसें ऐसी नसें होती हैं जो त्वचा के नीचे उभरी हुई और टेढ़ी-मेढ़ी दिखाई दे सकती हैं। लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों की नसों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे कुछ लोगों में वैरिकाज़ नसों की समस्या विकसित होने या पहले से मौजूद समस्या के बढ़ने का खतरा हो सकता है।

इसमें पैरों में दर्द, भारीपन, खुजली या सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

डीप वेन थ्रोम्बोसिस यानी DVT क्या है?

डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) में शरीर की किसी गहरी नस के भीतर रक्त का थक्का बन जाता है। यह गंभीर स्थिति हो सकती है और आमतौर पर पैरों में देखी जाती है।

हालांकि, केवल लंबे समय तक खड़े रहने को DVT का सीधा कारण मानना सही नहीं है। लंबे समय तक बैठे या स्थिर रहने, हाल में हुई सर्जरी, कुछ चिकित्सीय स्थितियों और अन्य जोखिम कारकों से DVT का खतरा बढ़ सकता है।

अगर पैर में अचानक एक तरफ ज्यादा सूजन, दर्द, गर्माहट या लालिमा दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सांस फूलने या सीने में दर्द जैसे लक्षणों के साथ ऐसी समस्या हो तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

लंबे समय तक खड़े रहने से बचने के आसान तरीके

अगर आपके काम में लंबे समय तक खड़े रहना जरूरी है, तो बीच-बीच में कुछ मिनट के लिए चलना या बैठकर पैरों को आराम देना मददगार हो सकता है।

इन बातों का ध्यान रखा जा सकता है:

  • लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहने से बचें।
  • समय-समय पर कुछ कदम चलें और पैरों की स्थिति बदलते रहें।
  • आराम करते समय पैरों को थोड़ी देर ऊपर रख सकते हैं।
  • लंबे समय तक खड़े रहने पर आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • लगातार दर्द या सूजन रहने पर डॉक्टर से सलाह लें।

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

पैरों में लगातार सूजन, दर्द, त्वचा के रंग में बदलाव या नसों के अधिक उभरने जैसी समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

वहीं, एक पैर में अचानक सूजन और दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द हो तो यह आपात स्थिति हो सकती है। ऐसे लक्षणों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों में थकान, दर्द और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं और कुछ लोगों में वैरिकाज़ नसों का जोखिम भी बढ़ सकता है। हालांकि, DVT जैसी गंभीर स्थिति के कई अन्य जोखिम कारक भी होते हैं।

नियमित गतिविधि, बीच-बीच में आराम और पैरों की उचित देखभाल से लंबे समय तक खड़े रहने के कारण होने वाली सामान्य परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।