BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप: सिंधु को 9वीं, सात्विक-चिराग को 5वीं सीड

BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए भारतीय खिलाड़ियों की सीडिंग घोषित कर दी गई है। पीवी सिंधु को 9वीं, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी को 5वीं, लक्ष्य सेन को 14वीं तथा ध्रुव कपिला-तनिषा क्रास्टो को 15वीं वरीयता मिली है। भारत को इस बार कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद है।

भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु को आगामी BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में महिला एकल वर्ग में नौवीं वरीयता (9वीं सीड) मिली है, जबकि पुरुष युगल में भारत की अनुभवी जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को पांचवीं सीड दी गई है। विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) द्वारा जारी सीडिंग सूची में भारत के कई खिलाड़ियों को वरीयता मिलने से घरेलू सरजमीं पर पदक जीतने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।

17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत सभी पांच वर्गों में दो-दो प्रविष्टियों के साथ उतरेगा। मेजबान होने का लाभ उठाते हुए भारतीय खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।

सिंधु पर इतिहास रचने की नजर

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधु हाल के महीनों में शानदार लय में दिखाई दी हैं। जापान ओपन में खिताब जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब घरेलू दर्शकों के सामने उनसे एक और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। नौवीं वरीयता मिलने के बावजूद सिंधु किसी भी शीर्ष खिलाड़ी को चुनौती देने की क्षमता रखती हैं।

सात्विक-चिराग से स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद

पुरुष युगल में पांचवीं वरीयता प्राप्त सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भारत की सबसे मजबूत दावेदार जोड़ियों में शामिल हैं। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता इस जोड़ी ने हाल के वर्षों में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है। चोट से वापसी के बाद यह जोड़ी विश्व चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन कर भारत को पदक दिलाने के इरादे से उतरेगी।

लक्ष्य सेन और ध्रुव-तनिषा को भी मिली वरीयता

पुरुष एकल में लक्ष्य सेन को 14वीं वरीयता दी गई है। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी 15वीं सीड के साथ प्रतियोगिता में उतरेगी। इन दोनों वर्गों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। भारत के पास इस बार कई स्पर्धाओं में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंचने की क्षमता है।

घरेलू मैदान का मिलेगा फायदा

करीब 17 वर्षों बाद भारत विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है। घरेलू दर्शकों का समर्थन और परिचित परिस्थितियां भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़ा मनोबल साबित हो सकती हैं। आयोजकों ने खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

भारत की नजर पदकों पर

भारतीय बैडमिंटन ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। सिंधु, सात्विक-चिराग, लक्ष्य सेन और अन्य खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे। यदि भारतीय खिलाड़ी अपनी वर्तमान फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो इस बार विश्व चैंपियनशिप भारत के लिए यादगार साबित हो सकती है।