पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की राजनीति तेजी से नई दिशा की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने सिर्फ सरकार नहीं बदली, बल्कि राज्य की राजनीतिक धारा को भी नया मोड़ दिया। इसके साथ ही लगातार 15 वर्षों तक राज्य की सत्ता पर काबिज रही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के दौर का अंत हुआ और राष्ट्रवाद आधारित नई राजनीतिक व्यवस्था की शुरुआत हुई।