जन्माष्टमी के बाद भगवान श्रीकृष्ण की छठी मनाने की परंपरा है। 2026 में कृष्ण छठी 9 सितंबर को मनाई जाएगी, जबकि कुछ स्थानों पर उदया तिथि के अनुसार 10 सितंबर को भी पूजा होगी। इस दिन बाल गोपाल को माखन-मिश्री, पंजीरी, पंचामृत और मखाने की खीर का भोग लगाया जाता है।
कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन से द्वारका तक उत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिरों को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है, जबकि लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं।