गुवाहटी।
महज 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी(Vaibhav Suryawansi) ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अपनी सबसे तेज फिफ्टी लगा दी है।
शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू(RCB) के खिलाफ मैच में उन्होंने 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने अपनी तूफानी पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए।
7 चौके और 4 छक्के लगाए
वैभव सूर्यवंशी क्या गजब खिलाड़ी है, जिसने विश्व भर के गेंदबाजों में अपने नाम का खौफ बना दिया है। अब उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग(IPL)के इतिहास में अपनी सबसे तेज फिफ्टी लगाई ।
शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ मैच में उन्होंने 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने अपनी तूफानी पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए। मैच खत्म होने पर विराट कोहली ने उनकी कैप पर ‘वेलडन’ लिखकर आटोग्राफ दिया।
13 गेंद में लगा चुके हैंफिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी इससे पहले 2023 सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 13 गेंद में फिफ्टी लगा चुके हैं। जो व्यक्तिगत रूप से उनकी सबसे तेज फिफ्टी है ।
वहीं यह आईपीएल इतिहास की तीसरी सबसे तेज फिफ्टी है। वैभव ने इसी सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ भी 15 गेंद में अर्धशतक पूरा कर लिया था।
विराट कोहली भी हुए वैभव के फैन
राजस्थान रॉयल्स ने IPL में लगातार चौथी जीत दर्ज की। टीम ने शुक्रवार को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया।
गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। वैभव की तूफानी पारी देख विराट कोहली भी वैभव के फैन हो गए। मैच खत्म होने के बाद विराट ने वैभव की कैप पर वेलडन लिखकर अपना आटोग्राफ दिया।
इनके नाम भी दर्ज है तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड
IPL में सबसे तेज फिफ्टी के लिए अन्य कई बल्लेबाजों के नाम भी दर्ज हैं,लेकिन उम्र के मान से वैभव की बात अलग है। इनमें यशस्वी जायसवाल13 गेंद, केएल राहुल 14 गेंद व युसुफ पठान 15 गेंद शामिल हैं।
‘होनहार बिरवान के होत चीकने पात’
यह कहावत-वैभव पर सौ फीसदी फिट बैठती है। सूर्यवंशी ने पहली बार तीन साल पहले 12 साल की उम्र में दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। एक मैच में वह अपने पिता की उम्र के गेंदबाजों की जमकर धुलाई कर रहे थे।
तब से उनकी बल्लेबाज़ी की क्वालिटी, ख़ासकर ताबड़तोड़ स्ट्राइक रेट के साथ बड़े स्कोर बनाने की भूख चर्चा का केंद्र बन गई है।
क्रीज पर मजबूती से खड़े सूर्यवंशी एक सहज आक्रामक खिलाड़ी हैं। वह गेंद का इंतज़ार करने की बजाय उस पर हमला करते हैं।
जब वह लय में होते हैं तो उनके स्ट्रोक प्ले की भव्यता की तुलना कई लोग वेस्ट इंडीज़ के महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स से करते हैं।
कम उम्र बनी सलेक्शन में बाधा
2020 में, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने “खिलाड़ियों की सुरक्षा” के नाम पर न्यूनतम 15 साल तय की है। यहां तक कि अंडर-19 स्तर टीम के लिए भी यह नियम लागू है। यही नियम,वैभव के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट मैच चयन में अब तक बाधक बना हुआ था।
वैभव गत 27 मार्च को 15 साल के हो गए। ऐसे में उम्र की बाधा भी वह पार कर चुके हैं। दरअसल,भारतीय टीम को इसी साल आयरलैंड के खिलाफ टी-20 मैच खेलने हैं। सूत्रों का दावा है कि वैभव का चयन इस प्रतियोगिता के लिए किया जा सकता है।
दरअसल,शुक्रवार को आईपीएल चेयरमेन अरुण धूमल भी वैभव का प्रदर्शन देख चकित रह गए। उन्होंने वैभव का चयन अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए किए जाने की सिफारिश की।
..तो तोड़ देंगे तेंदुलकर का रिकॉर्ड
बीसीसीआई (BCCI) वैभव का चयन करती है,तो वह अंतर्राष्टीय मैचों में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी होंगे।
अब तक यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर(Sacjin Tendulkar) के नाम दर्ज है। सचिन ने 16 साल और 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था।
अन्य खिलाड़ियों की बात करें तो पाकिस्तान के हसन रज़ा ने 1996 में 14 वर्ष और 227 दिन की उम्र में डेब्यू किया।
हालांकि रज़ा का रिकॉर्ड अब भी सुरक्षित है, लेकिन सूर्यवंशी सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को अब भी तोड़ सकते हैं।