CG News: डोंगरगांव में एक युवक ने सात फीट गहरे गड्ढे में ली समाधि, नौ दिनों का संकल्प, स्वास्थ्य विभाग रख रहा नजर

 

Rajnandaon News: राजनांदगांव। जिले के डोंगरगांव ब्लाक के ग्राम मारगांव में 22 वर्षीय हरिचंद बंजारे ने अपने घर के आंगन में सात फीट गड्ढा कर समाधि ले ली है। नवरात्र के नौ दिनों के लिए हरचिंद ने समाधि ली है। वो 17 अप्रैल तक समाधि में ही रहेंगे। नवरात्र के पहले दिन जब गांव में यह खबर फैली तो गांव वाले हैरान रह गए। खुली जगह में ही हरिचंद ने आस्था का संकल्प लेकर समाधि ली है। इसे देखते ही ग्रामीणों ने समाधि स्थल पर पंडाल लगाकर व्यवस्था बनाई है।

 

इधर प्रशासनिक टीम लगातार हरिचंद के घर व्यवस्था देखने पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी हरिचंद के स्वास्थ परीक्षण कर रहे हैं, ताकि जमीन के भीतर रहने की वजह से हरिचंद को किसी भी तरह की स्वास्थ्य में परेशानी ना हो। बताया गया कि हरिचंद भिलाई की एक कंपनी में गैस कटर का काम करता है। उसके समाधि लेने के बाद से गांव में भक्तिमय का माहौल बन गया है।

 

समाधि लेने से पहले लिखा पत्र

चैत्र नवरात्र के पहले ही दिन हरिचंद ने अपने घर के आंगन में समाधि ली है। इससे पहले हरिचंद ने एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने खुद से समाधि लेने की बात लिखी है। युवक के समाधि लेने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी तक हरिचंद के घर पहुंचे। उसे समझाइश तक दी गई, लेकिन हरिचंद ने अपने गुरु के आदेश पर खुद की जिम्मेदारी से समाधि लेने की बात कही। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम लगातार नजर रखे हुए हैं।

सुबह से शाम तक पहुंच रहे लोग

हरिचंद के समाधि को देखने के लिए हर रोज सुबह से शाम तक लोग पहुंच रहे हैं। लोग यहां पहुंचकर पूजा अर्चना कर मनोकामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश के कारण परेशानी बढ़ गई, लेकिन मातारानी की आस्था को लेकर गांव वाले भी इस परेशानियों को दूर करने में लगे हुए हैं। समाधि स्थल पर पंडाल लगाया गया है। वहीं नियमित रूप से हरिचंद के पास कोई न कोई ग्रामीण उपस्थित रहता है, ताकि हरिचंद को किसी भी तरह की परेशानी ना हो।

रोज कर रहे स्वास्थ्य की जांच

मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा. नेतराम नवरत्न ने कहा कि डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम हरिचंद के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण कर रहे हैं। स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के भीतर शरीर रहने से इचिंग व इंफेक्शन की शिकायत होती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम लगातार जांच कर रही है।

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