लोकसभा में जिन पार्टियों का नहीं खुला खाता उनके अस्तित्व पर आ सकता है संकट

लोकसभा में जिन पार्टियों का नहीं खुला खाता उनके अस्तित्व पर आ सकता है संकट

 

लोकसभा चुनाव परिणाम भाजपा के लिए चौंकाने वाले रहे। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। कम सीट आने के बाद भी भाजपा सरकार बना रही है, क्योंकि एनडीए के सांसदों का आंकड़ा बहुमत के अंक से ज्यादा है। भाजपा को यह संतोष है कि सत्ता से बाहर नहीं हुई। वहीं कांग्रेस 99 सीटें आने पर भी खुश है, क्योंकि पिछले चुनाव की तुलना में सीटें लगभग दोगुनी हो गई हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय दल समाजवादी पार्टी के लिए चुनाव परिणाम खुशी का पैगाम लेकर आए हैं। सपा 5 सीटों से 37 पर पहुंच गई है।

इस बीच कुछ क्षेत्रीय दल ऐसे भी हैं जो हाशिए पर पहुंच गए हैं। इनमें पांच क्षेत्रीय दल ऐसे हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री दिए और बड़ी संख्या में सांसदों को संसद में भेजा, पर इस बार के लोकसभा चुनाव में शून्य पर आ गए और अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी के लिए लोकसभा के नतीजे विधानसभा चुनाव 2022 से भी खराब रहे हैं। विधानसभा में तो कम से कम पार्टी को एक सीट मिल गई थी, पर लोकसभा चुनाव में खाता खुलना तो दूर की बात है, किसी भी सीट पर बसपा दूसरे नम्बर पर भी नहीं रही।

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