मोदी का मिजाज भी अलग और मिशन भी :PM

भोपाल(Janprachar.com)। बीजेपी का कार्यकर्ता महाकुंभ सोमवार को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित इस महाकुंभ में पार्टी के करीब 11 लाख कार्यकर्ता जुटे। इससे पहले पार्टी की ओर से प्रदेशभर में पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली गई। इनका समापन आज भोपाल में महाकुंभ के तौर पर हुआ।नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी का यह बड़ा आयोजन रहा। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया।
महाकुंभ में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं…

अपने बारे में कहा…

**मोदी यानी हर गारंटी पूरी होने की गारंटी है।
**मोदी का मिजाज भी अलग और मिशन भी अलग।
**मैं अभाव में जिया,अपने देश को अभाव में नहीं रहने दूंगा।
**मेरे लिए देश और देशवासी से बड़ा कुछ नहीं।

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कार्यकर्ताओं से कहा…
**क्या आप एमपी को फिर से बीमारू बनाना चाहते हो?
**क्या आप एमपी के युवाओं के भविष्य को तबाह करना चाहते हो?
**क्या आप चाहते हैं कि एमपी के विकास का पैसा कांग्रेस नेता लूट लें?
**’कमल’ही हमारी शान,हमारी पहचान।
**1 अक्टूबर को स्वच्छता कार्यक्रम से जुड़िए।
त्योहारों में हमें ‘वोकल फॉर लोकल’ याद रखना है।खादी के कपड़े खरीदने हैं।
जो गिफ्ट खरीदें, वो स्वदेशी हो। यह बात हमें कभी भी भूलनी नहीं है।’
**यह समय भारत और मध्यप्रदेश को विकसित बनाने का है। इतने महत्वपूर्ण समय में अगर कांग्रेस जैसी परिवारवादी पार्टी, हजारों – करोड़ों के घोटाले का इतिहास रचने वाली पार्टी, वोट बैंक का तुष्टिकरण करने वाली पार्टी को जरा भी मौका मिल गया तो मध्यप्रदेश को बहुत बड़ा नुकसान होगा।
**यह जन सैलाब, उमंग, उत्साह, महाकुंभ, महासंकल्प, बहुत कुछ कहता है। यह दिखाता है कि मध्यप्रदेश के मन में क्या है? यह दिखाता है नई ऊर्जा से भरी हुई भाजपा। यह दिखाता है भाजपा का और भाजपा के हर कार्यकर्ता का बुलंद हौसला।
मध्यप्रदेश सिर्फ भाजपा के विचार का ही नहीं, विकास के विजन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। आज जब देश अमृतकाल की नई विकास यात्रा पर निकला है, तब मध्यप्रदेश की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।​​​
**भाजपा के पास रोडमैप भी है और इसे जमीन पर उतारने की इच्छाशक्ति भी है। हमें हर बूथ पर लोगों का दिल जीतना है। बूथ का हर कार्यकर्ता हमारा उम्मीदवार है। उसकी पहचान, शान, निशान कमल है। हर कार्यकर्ता को जी-जान से जुटना है।
हमें ध्यान रखना है कि विकास का जो रास्ता एमपी के लोगों ने बनाया है, उस विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं, भटके नहीं और अटके भी नहीं।

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कांग्रेस के लिए कहा…
**कांग्रेस में जंग लग चुकी है।
**कांग्रेस ने अपनी सारी इच्छाशक्ति खो दी है।
**कांग्रेस के जमीन से जुड़े नेता चुपचाप मुंह पर ताला लगाकर बैठ गए हैं।
**कांग्रेस पहले बर्बाद हुई, बैंक करप्ट हुई,अब अपना ठेका दूसरे लोगों को दे दिया है। ये ग्राउंड पर कांग्रेस कार्यकर्ता महसूस कर रहे हैं।कांग्रेस को नेता नहीं चला रहे,यह एक कंपनी बन गई है। नारों से लेकर नीतियों तक हर चीज आउटसोर्स कर रही है।कांग्रेस में अब अर्बन नक्सलियों की चल रही है।
**कांग्रेस में जंग लग चुकी है। उसकी न कोई नीति है,न देशहित की कोई समझ।
**कांग्रेस आज भी उसी पुरानी ढर्रे, उसी पुरानी मानसिकता पर चल रही है।
चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए इनके नेताओं के लिए गरीब का जीवन मायने नहीं रखता है।
**कांग्रेस नेताओं के लिए गरीब का जीवन एक एडवेंचर टूरिज्म है। इनके लिए गरीब की बस्ती पिकनिक मनाने का, वीडियो शूटिंग कराने का लोकेशन बन गई है। गरीब किसान का खेत फोटोसेशन का मैदान बन गया है। इन्होंने अतीत में भी यही काम किया।
देश-विदेश के अपने दोस्तों में इन्होंने भारत की गरीबी का माखौल उड़ाया और आज भी यही कर रहे हैं।
**कांग्रेस जमीन पर लगातार खोखली हो रही है।इसके पास भविष्य की सोच ही नहीं बची है। कांग्रेस जंग लगा हुआ वो लोहा है, जो बारिश में रखे-रखे खत्म हो जाता है। अब कांग्रेस में न देखने का सामर्थ्य बचा है, न देश हित को समझने का, इसीलिए आप देखेंगे कि कांग्रेस विकसित भारत से जुड़े हर प्रोजेक्ट की आलोचना करती है।

भारत कुछ भी उपलब्धि हासिल करे, कांग्रेस को पसंद नहीं आता।नकारात्मकता फैला रहे हैं कांग्रेस वाले। **कांग्रेस न तो खुद बदलना चाहती है और न ही देश को बदलने देना चाहती है। देश समृद्धि की तरफ बढ़ने के लिए घोर परिश्रम कर रहा है। लेकिन, कांग्रेस देश को 20वीं शताब्दी में ले जाना चाहती है।

**कांग्रेस ने जानबूझकर देश को गरीब रखा। देशवासियों को रोटी, कपड़ा, मकान में ही उलझाए रखा। इनकी राजनीति अभाव में फलती-फूलती है। गरीब को तरसा कर कांग्रेस को यह जताने का अवसर मिल जाता था कि उन्होंने गरीब को कुछ दिया है। योजना का लाभ भी उन्हें देते थे, जिनसे वोट मिलते थे।

**जहां-जहां कांग्रेस गई, उस राज्य को बर्बाद कर दिया। राजस्थान में मौका मिला तो कांग्रेस वहां सिर्फ बर्बादी लाई।हमने महाराष्ट्र में देखा है कि कैसे कांग्रेस ने गठबंधन में शामिल होकर लूट को ही अपना नंबर – 1 काम बना दिया।

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महिलाओं के लिए कहा…
**मोदी ने आपको जो महिला आरक्षण की जो गारंटी दी थी, वो पूरी हो गई है।
दशकों से देश की माताएं-बहनें इसका इंतजार कर रही थीं।
**कांग्रेस व अन्य विपक्षियों को मजबूरी में खट्ठे मन से समर्थन करना पड़ा।
यह खट्‌टापन उनके बहानों में दिखता है।
**इनके गठबंधन में जितने लोग हैं, वही लोग हैं, जिन्होंने 30 साल तक इस कानून को पारित नहीं होने दिया। पार्लियामेंट में हुड़दंग किया, बिल फाड़ दिए, स्पीकर पर हमले बोल दिए।
**ये माताओं-बहनों से डरे हुए हैं। इसलिए सिर नीचा कर हाउस में बेमन से अंगुली दबा दी।
**इन्होंने तो दशकों तक देश में भारी बहुमत से सरकारें चलाई हैं। तब क्यों नहीं कानून बनाया? सच यह है कि इनकी नीयत में खोट है।
**यह अब एक नया खेल खेलेंगे, पक्का मानिए। मेरी माताएं-बहनों, मेरे शब्द याद रखना। मौका मिलते ही घमंडिया गठबंधन के लोग माताओं – बहनों को धोखा देना का तय करके बैठे हैं, तैयार बैठे हैं।

**यह अब एक नया खेल खेलेंगे। पक्का मानिए। यह नारी शक्ति को बांटने की पूरी कोशिश करेंगे। नारी शक्ति एक न हो, इसलिए अफवाहें फैलाएंगे। देश की हर माता, बहन, बेटी को सावधान, सतर्क और एकजुट रहना होगा। ये वही लोग हैं, जिन्होंने द्रौपदी मुर्मू को देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने से रोकने का भरसक प्रयास किया। ये वही लोग हैं, जिन्होंने देश की सेनाओं के अग्रिम मोर्चों में बेटियों की एंट्री को रोक कर रखा था।

** अगर इनकी नीयत ठीक होती तो वे क्या मोदी को करोड़ों बहनों के नाम पक्के घर करने देते। आज आजादी के इतने साल बाद यह काम मुझे करना पड़ रहा है। इनको नहीं दिखता था कि सब कुछ पुरुष के नाम पर है। महिलाओं के नाम पर कुछ नहीं।

**उन्होंने कहा .. मुझे टॉयलेट बनवाना पड़े, क्या ये नहीं बना सकते थे? ये काम भी मुझे करना पड़ा। अंधेरे का इंतजार करती माताओं – बहनों को देखकर इनकी आंखों में क्यों पानी नहीं आता था?
** इनकी नीयत ठीक होती तो बहनों को धुएं में जीने को मजबूर न होना पड़ता। बहनों तक गैस सिलेंडर पहुंचाने की मेहनत मोदी को क्यों करन पड़ी?

** महिलाओं को पानी की बूंद-बूंद के लिए दशकों को तरसा कर नहीं रखते। हमें बेटियों को बचाने, उन्हें पढ़ाने के लिए आवाज नहीं उठानी पड़ती।
**ये महिलाओं के हित में काम करते तो मोदी को आकर आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज की व्यवस्था नहीं करना पड़ती।
** इन्होंने तो महिलाओं को बैंक से भी दूर रखा। देश की करोड़ों बहनों के जन-धन खाते आपके इस सेवक को खुलवाने पड़े।

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युवाओं से कहा..
**एमपी में भाजपा की सरकार को लगभग 20 साल पूरे हो चुके हैं।

**जो युवा पहली बार वोट डालेंगे, उन्होंने भाजपा की ही सरकार को देखा है।ये युवा सौभाग्यशाली हैं कि इन्होंने एमपी में कांग्रेस का वो बुरा शासन और बुराइयां देखी नहीं हैं।
एमपी में कांग्रेस के शासन की पहचान थी कुनीति, कुशासन और करोड़ों का करप्शन।
कांग्रेस ने साधन – संपन्न और समर्थ युवाओं वाले मध्यप्रदेश को बीमारू बना दिया दोस्तों…।

** यहां के युवाओं ने कांग्रेस के जमाने की खराब कानून व्यवस्था नहीं देखी। उस दौर की खस्ताहाल सड़कें नहीं देखीं। अंधेरे में जीने को मजबूर गांव और शहर नहीं देखे। यहां के युवाओं ने भाजपा का सुशासन ही देखा है। विकास करता मध्यप्रदेश ही देखा है। मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी गेहूं उत्पादक राज्य के रूप में देखा है। शिक्षा के उभरते केंद्र के रूप में देखा है, इसीलिए आने वाले चुनाव बहुत अहम हैं।

 

 

 

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