भोपाल,जनप्रचार। उज्जैन में लोकायुक्त Lokayukt MP की टीम को निरीक्षण में मिली खामियों पर आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त की टीम को निरीक्षण के दौरान महाकाल लोक निर्माण में कई कमियां मिलीं। कमियों के मिलने से ये बात साफ होती है कि निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। निर्माण कार्य के दौरान सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।
आप की प्रदेश अध्यक्ष और सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल Mayor Rani Agrawal ने कहा कि लोकायुक्त की टीम को निरीक्षण के दौरान कई खामियां नजर आईं। टीम ने पाया कि मूर्तियों की गुणवत्ता ठीक नहीं हैं। कई मूर्तियों में दरारें भी मिलीं तो कई मूर्तियों का रंग उड़ गया है। उन्होंने कहा कि मूर्तियों का पेडस्टल कमजोर पाया गया। इसके अलावा मूर्तियों को गिरने से बचाने के लिए पीछे कोई लोहे या स्टील की रॉड नहीं लगाई गई।इतनी सारी खामियां ये साबित करती है कि चुनाव करीब होने के कारण सरकार महाकाल लोक के लोकार्पण के लिए जल्दी में थी। साथ ही खामियां ये भी साबित करती हैं कि महाकाल लोक के निर्माण में भारी कमीशनखोरी और गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक निर्माण में 70 फीसदी राशि का बंदरबांट हुआ है जबकि केवल 30 फीसदी राशि से निर्माण कार्य हुआ है।
रानी अग्रवाल ने कहा कि सभी मूर्तियां पत्थर से बनाई जानी थीं लेकिन कुछ मूर्तियां ही पत्थर से बनाई गईं और बाकी मूर्तियां एफआरपी यानि फाइबर की बनाई गईं। टूटी हुई सप्त ऋषियों की मूर्तियां एफआरपी की ही बनी थीं जो तेज हवा में टूट गई थी। आखिर ठेकेदार ने किसकी परमिशन पर एफआरपी की प्रतिमाएं लगवाई हैं। ये सरकार को बताना चाहिए क्योंकि ये केवल एक निर्माणकार्य का मामला नहीं है बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मामला है। खामियों से ये भी उजागर हो गया कि भाजपा सरकार ने बाबा महाकाल के लोक निर्माण ने गड़बड़ी की है। सवाल ये है कि जब सरकार और भाजपा के लोग भ्रष्टाचार करने में भगवान को भी नही छोड़ रहे हैं तो भाजपा प्रदेश की जनता की सगी कैसे हो सकती है।
रानी अग्रवाल ने आगे कहा की आम आदमी पार्टी के डेलिगेशन ने भी महाकाल मंदिर का दौरा किया था और महाकाल लोक निर्माण का निरीक्षण किया था।डेलिगेशन ने भी माना कि निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री बेहद घटिया थी।
वहीं महाकाल मंदिर प्रांगण में बना प्राचीन पशुपतिनाथ मंदिर रातों रात गायब होने को लेकर भी रानी अग्रवाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आखिर मंदिर गया तो गया कहां। मंदिर के गायब होने पर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन चुप्पी साधे है। सवाल ये कि प्राचीन मंदिर कहां गया? अगर कोई निर्माण कार्य मंदिर के आसपास करना था तो मंदिर के रहते भी किया जा सकता था लेकिन प्राचीन मंदिर को तोड़ा क्यों गया।उन्होंने मंदिर प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसको लेकर प्रबंधन को जवाब देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल ने कहा कि सरकार महाकाल लोक निर्माण में हुई गड़बड़ी की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराए क्योंकि प्रदेश की जनता को सरकार की जांच पर भरोसा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर प्रांगण से पशुपतिनाथ मंदिर गायब होने की भी जांच सरकार कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।