मप्र : विकास यात्रा 5 फरवरी से:मुख़्यमंत्री ने कहा – मंत्री दौरे करें

भोपाल। मंगलवार को दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई। इस बैठक से लौटते ही मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं।

अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों संग एक बैठक में मुख्यमंत्री ने 5 फरवरी से शुरु हो रही विकास यात्रा को लेकर चर्चा की ।

मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रियों से कहा कि विकास यात्रा में अधिक से अधिक एरिया कवर हो। विकास यात्रा के पहले एक-बार दो दिन के दौरे मंत्री जरूर करें।

विकास यात्रा हमारे काम को जनता के बीच ले जाने का काम है। विकास यात्रा और दौरे प्रभावी हों, ये हमारी प्राथमिकता है। कलेक्टर तैयारी कर लें।

15 दिन चलेंगी विकास यात्रा

5 फरवरी से 20 फरवरी तक प्रदेश भर में विकास यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में शिवराज सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का बखान किया जाएगा।

इसके साथ ही 15 महीने की कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में जिन योजनाओं पर ब्रेक लग गया था उसके बारे में भी बीजेपी के नेता मुखर होकर जनता के बीच जानकारी देंगे। प्रदेश के गांवों से लेकर शहरी क्षेत्र के वार्डों में ये विकास यात्राएं निकाली जाएंगी।

इन यात्राओं में स्थानीय गणमान्य नागरिक, समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय सांसद विधायक, वॉलेंटियर और योजनाओं के लाभार्थियों को भी बुलाया जाएगा।

मंत्रियों के पास होगी हर विधानसभा की लिस्ट

मुख़्यमंत्री ने बैठक में कहा मंत्रिपरिषद के साथियों के दौरे की योजना को लेकर हम आज बैठे है, जिला कलेक्टर और जिला प्रशासन मंत्री गण से चर्चा कर रूट मैप तैयार कर विकास यात्रा की तैयारी शुरू करें।

इसमें हितग्राहियों को लाभ, हितग्राहियों से चर्चा और संवाद करें।

जिला मुख्यालय के अलावा ब्लॉक में भी मंत्रियों के दौरे होंगे। इसकी ठीक योजना बने ताकि योजनाओं का लाभ व्यवस्थित रूप से बन सके।

दौरे के दौरान विकास के लक्ष्यों का उद्देश्य पूरा हो और मंत्रीगण लौटने के बाद रिपोर्ट देंगे। संत रविदास जी की जयंती 5 फरवरी से विकास यात्रा शुरू होंगी।

संत रविदास जयंती के दिन कार्यक्रम होंगे। जो काम पूरे हुए उनका लोकार्पण, जो शुरू करने हैं उनका शिलान्यास होगा।

सभी मंत्रियों के पास हर विधानसभा की सूची होगी। जो सीएम जनसेवा के हितग्राही हैं उन्हें हितलाभ देना शुरू किया जाएगा।

यात्रा में हितग्राही सम्मेलन भी होंगे। गांव या ग्राम पंचायत के हितग्राही के सम्मेलन आयोजित होंगे।

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