पाली // उमरिया जिले सहित समूचे शहडोल संभाग एवं महाकौशल क्षेत्र में अगले 48 घंटे के दौरान ओले -पानी गिरने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ,राजस्थान के ऊपर चक्रवात बना है। वहीं, श्रीलंका से उत्तरी मध्यप्रदेश की तरफ ट्रफ लाइन आ गई है। इसका असर प्रदेशभर में है। मौसम में आए बदलाव का असर बीते 24 घंटे में भी देखा गया। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के अनेक हिस्सों में तेज हवा ,आंधी चलने के आसार हैं। वहीँ कई जगह गरज साथ तेज बारिश एवं ओले गिरने की आशंका भी जताई जा रही है।
तेज आंधी के आसार
मौसम विभाग ने रीवा, सागर, चंबल संभाग के साथ ग्वालियर-दतिया में तेज आंधी के साथ बारिश होने तथा शहडोल-जबलपुर संभाग में ओलावृष्टि के साथ तेज आंधी चलने की सम्भावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है।
मार्च में सिस्टम बिगड़ने का तीसरा दौर
प्रदेश में यह मार्च में तीसरा सिस्टम है। पहला दौर 3 से 9 मार्च तक चला। इसके बाद दूसरा दौर 16 से 19 मार्च के बीच रहा। अब 24 से 27 मार्च के बीच तीसरा दौर शुरू हो गया है। बता दें कि पहले और दूसरे दौर के सिस्टम ने किसानों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ाई। पहले दौर में 43 जिलों में बारिश हुई और ओले भी गिरे थे।
इसमें 16 जिले विदिशा, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, खरगोन, राजगढ़, रायसेन, धार, बड़वानी, भोपाल, शाजापुर, ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना के 3280 गांव में 1.09 लाख किसान की 1.25 लाख हेक्टेयर की फसल नष्ट हो गई थी। 16 से 19 मार्च के बीच फिर बदले मौसम ने 27 से ज्यादा जिलों में असर डाला। इसका सर्वे चल रहा है, जो 25 मार्च तक पूरा किया जाना है।