मांडू, धार। मध्य प्रदेश में देश का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडू (Mandu)। जहां प्रति वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक देश-विदेश से पहुंचते हैं। केंद्रीय पुरातत्व विभाग पर्यटकों से विभिन्न स्थानों का शुल्क भी वसूलता है लेकिन बदले में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इसके चलते पर्यटक अपने हाल पर होते हैं।
ऐसा ही एक वाकया बुधवार को हरियाणा Haryana से आए एक पर्यटक के साथ हुआ। वह सैर के दौरान एक ऊंचे महल से गिर कर बेसुध हो गए। करीब एक घंटा तक इसी हाल में पड़े रहे,बाद में ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया,लेकिन शुल्क वसूलने वाले अमले ने उनकी कोई सुध नहीं ली। घायल पर्यटक को गंभीर चोट आई है।प्राप्त जानकारी अनुसार,दादरी हरियाणा निवासी सतीश रतिराम यादव नर्मदा परिक्रमा Narmada parikrama पर निकले हुए हैं। अपनी यात्रा के दौरान बुधवार को वह मांडू के प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा लेने पहुंचे।दोपहर करीब एक बजे जब वह नीलकंठेश्वर और रेवा कुंड Rewa Kund के बीच पड़ने वाले चोर कोट महल Chor Kot Mahal में भ्रमण कर रहे थे।
इसी दरम्यान पैर फिसलने से वह 40 फीट नीचे पड़े पत्थर पर जा गिरे। ज्यादा ऊंचाई से गिरने के कारण पर्यटक सतीश रतिराम यादव (In photounconscious tourist) के शरीर के बाएं हिस्से में गंभीर चोट आई है।
कहने को इस ऐतिहासिक महल में केयर टेकर व स्ट्रक्चर तैनात हैं,लेकिन हादसे के वक्त ये नदारद रहे। यादव को स्थानीय ग्रामीणों ने घायल हालत में देखा और उन्हें सहारा देकर एक निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। यादव की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पहले भी हुए हादसे,नहीं लिया सबक
मांडू में पुरातात्विक महत्व के अनेक ऐतिहासिक महल हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से यहां हादसे पहले भी होते रहे हैंं। मौजूदा वर्ष में ही आज हुआ हादसा तीसरा है। कुछ माह पहले खंडवा की एक छात्रा जहाज महल से गिर गई थी। वहीं जनवरी में ऐतिहासिक अशर्फी महल से एक पर्यटक गिरा था। जिसे गंभीर चोट आई थी। ऐसे लगातार हादसों के बाद संबंधित विभाग कोई सबक नहीं ले रहा है।