बुधवार को पेश होगा मप्र का बजट: 5 लाख डिफाल्टर किसानों को ब्याज से मुक्ति मिलने के आसार

भोपाल। नए वित्तीय वर्ष के लिए शिवराज सरकार अपने चौथे कार्यकाल का अंतिम बजट बुधवार को विधानसभा में प्रस्तुत करेगी। जिसमें लाड़ली बहना सहित ​कमलनाथ सरकार के वक्त कर्ज माफ नहीं होने से डिफाल्टर हुए किसानों को कर्ज माफी मिलने की सौगात मिलने के आसार हैं। इनके अलावा युवाओं व अन्य वर्गों के लिए भी लोक लुभावन प्रावधान भी बजट में किए जाने के संकेत हैं।

सूत्रों के अनुसार,सरकार पांच लाख डिफाल्टर किसानों का ब्याज भी माफ करने जा रही है। इन किसानों ने विभिन्न बैंकों से कृषि ऋण लिया था, जो समय पर न चुका पाने के कारण डिफाल्टर हो गए। यह राशि पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक है।

ज्ञात हो कि शिवराज सरकार लाड़ली बहना योजना को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इसके लिए कल पेश होने वाले बजट में प्रावधान किए जाने के आसार हैं। योजनान्तर्गत 23 से 60 वर्ष की गरीब महिलाओं को एक हजार रुपए प्रति माह दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री चौहान डिफाल्टर किसानों को ब्याज भरने की घोषणा भी कर चुके हैं। माना जा रहा है कि चुनावी वर्ष के इस अंतिम बजट में संबंधित किसानों को यह तोहफा देकर एक और मास्टर स्ट्रोक लगाना चाहेगी। इससे उसे पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार की कर्जमाफी योजना पर भी निशाना साधने का मौका मिलेगा। दरअसल,पूर्ववर्ती सरकार ने दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने का वायदा किया था लेकिन वह समय रहते इस पर खरी नहीं उतर सकी।

सवा तीन लाख करोड़ का होगा बजट
इस बार का बजट लगभग 3.20 लाख करोड़ रुपये का होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश विधानसभा में पहली बार पेपरलेस बजट (ई-बजट) होगा। जहां वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा टैबलेट में पढ़कर बजट भाषण देंगे, तो विधायकों को भी टैबलेट दिए जाएंगे। वहीं अधिकारियों एवं अन्य को पेनड्राइव में बजट दिया जाएगा। विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में सुबह कैबिनेट की बैठक होगी। जिसमें बजट भाषण का अनुमोदन किया जाएगा। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार ने 2.79 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया था।

सबसे बड़ी योजना लाड़ली बहना
मध्य प्रदेश में करीब 21 दिन चली विकास यात्रा के बहाने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्रियों ने जनता की नब्ज टटोली है। स्थानीय स्तर पर कई कार्यों को मंजूरी दी गई है, तो बड़े वर्ग को प्रभावित करने वाली कई घोषणाएं भी की गई हैं। इन सभी घोषणाएं की पूर्ति के लिए बजट में राशि का प्रविधान किया जाएगा। इसमें सबसे बड़ी योजना लाड़ली बहना है।

हवाई जहाज से बुजुर्ग करेंगे तीर्थ यात्रा

करीब सवा करोड़ महिलाओं को प्रभावित करने वाली इस योजना पर 12000 करोड़ रुपये सालाना खर्च होंगे। बजट में इस राशि का प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया जाएगा। इस योजना में बुजुर्ग यात्रियों को हवाई जहाज से मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज की यात्रा इसी माह से शुरू की जा रही है।

स्वरोजगार योजना के लिए प्रावधान

बजट में प्रधानमंत्री आवास शहरी और ग्रामीण, नल-जल योजना, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवाओं को लिए प्रारंभ की गई स्वरोजगार योजना के लिए भी राशि का प्रावधान किया जा रहा है। डबलपर और भू-स्वामी के बीच होने वाले अनुबंध पर लगने वाले स्टांप शुल्क को भी सरकार कम करने जा रही है। वर्तमान में परियोजना की लागत का 2.5 प्रतिशत शुल्क लिया जा रहा है। ऐसे ही निम्न आय वर्ग को उसके लिए बनाए जाने वाले मकानों की रजिस्ट्री में भी छूट देने की तैयारी है। बजट भाषण में वित्त मंत्री इसकी घोषणा कर सकते हैं।

23 साल में 20 गुना बढ़ा बजट
प्रदेश में पिछले 23 साल में बजट में 20 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश सरकार ने 16 हजार करोड़ का बजट प्रस्तुत किया था। जबकि वर्ष 2022 में सरकार ने 2.79 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है।

बजट एक नजर में ….
योजना/अन्य खर्च :             बजट में संभावित प्रावधान (करोड़ में)

वेतन एवं भत्ते :                      80 हजार करोड़
पेंशन :                                32 हजार करोड़
ब्याज अदायगी :                   34 हजार करोड़
पूंजीगत व्यय :                      50 हजार करोड़

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