पाली ,विक्की दाहिया / चैत्र नवरात्र के अवसर पर मंदिर तथा घरों में बोए गये जवारों कलशों का विसर्जन गुरुवार को किया गया।
इस अवसर पर नगर स्थित मां विरासिनी दरबार, ज्वालामुखी मंदिर, वैष्णों देवी मंदिर, शांकाम्भरी देवी मंदिर, शारदा देवी मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों तथा घरों में बोए गए जवारों का विसर्जन काली नृत्य के साथ स्थानीय ज्वालामुखी घाट में किया गया।
जवारा विसर्जन के दौरान आगे-आगे ‘मां काली’ नृत्य करते हुए चल रही थी। इस दौरान पुलिस व्यवस्था भी जगह-जगह तैनात की गई थी। चैत्र नवरात्र के अवसर पर ज्वालामुखी मंदिर में मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मंत्री सुश्री मीना सिंह ने की पूजा
ज्वारा विसर्जन जुलूस का शुभारम्भ प्रदेश की जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने माँ काली का रूप धारण किए देवी भक्तों की पूजा-अर्चना कर किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में नगर के अन्य प्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद थे। मां विरासिनी के दरबार से शुरू हुआ भव्य जवारा जुलूस नगर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ विसर्जन स्थल पहुंचा। यहां विधि विधान से जवारा कलशों का विसर्जन किया गया।
दी गई गुदुम नृत्य की प्रस्तुति
इस ऐतिहासिक जवारा जुलूस को देखने जिले सहित अन्य जिलों से भी लोग देखने पहुंचे। प्रमुख मार्गो मे बनें घरों की छतों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। इस अवसर पर गुदुम नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसने दर्शकों का मन मोह लिया।जवारा विसर्जन में भक्त अपने सिर पर जवारा कलश रखकर निकले । जलूस में काली नृत्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण एवं आस्था का केंद्र रहा ।
कलेक्टर ,एसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
रामनवमी पर निकलने वाले विशाल जवारा विसर्जन जुलूस को देखते हुए जिले के कलेक्टर केडी त्रिपाठी एवं एसपी पी के सिन्हा ने भी सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारीद्वय ने जुलूस को लेकर मंदिर समिति एवं नागरिकों से चर्चा भी की। साथ ही व्यवस्था में तैनात अमले को जरूरी निर्देश भी दिए।
श्रद्धाभाव से मनाई गई रामनवमी, हुए जगराता कार्यक्रम
नगर में रामनवमी पर्व पर भगवान श्री राम जी का जन्मोत्सव मनाया गया ।स्थानीय राम मंदिर सहित श्रद्धालु अपने घरों में भगवान श्री राम जी की पूजा अर्चना कर आरती उतारी। वहीं श्रद्धा भक्ति व हर्षोल्लास के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र जी का जन्मोत्सव मनाया गया । रात में अनेक मंदिरों में जगराता कार्यक्रम भी हुए।