आदेश पर नाफरमानी: नोटिस के बाद भी पेश नहीं हुए अफसर, हाईकोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट

आदेश पर नाफरमानी: नोटिस के बाद भी पेश नहीं हुए अफसर, हाईकोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट

रवि अवस्थी,भोपाल। पशुपालन विभाग में भर्ती को लेकर मनमानी और सुनवाई में ​हाजिर नहीं होने पर जबलपुर हाई कोर्ट ने विभागीय प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव व संचालक पीएस पटेल के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। हैरत की बात यह कि अफसर सुनवाई में तो पहुंचे ही नहीं,सरकारी वकील भी तैनात नहीं किया।

एव्हीएफओ की भर्ती का है मामला
मामला विभाग में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी (AVFO) के पदों पर भर्ती का है। इस मामले में गड़बड़ी व कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर कुछ चयनित उम्मीदवारों ने अवमानना याचिका दायर की है। इसमें कहा गया कि कोर्ट के पूर्व आदेशों के बावजूद चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हुआ।

इंदौर हाईकोर्ट ने दिया था यह आदेश
इंदौर हाईकोर्ट ने अपने पूर्व आदेश (WP-19468-2019) में स्पष्ट किया था कि AVFO पद के लिए केवल पशुपालन विज्ञान में डिप्लोमा धारक ही पात्र होंगे। डिग्री धारकों को इस पद के लिए अयोग्य माना गया था।
रिक्त पदों को लेकर यह है विवाद
अभ्यर्थियों के अनुसार, डिग्री धारकों को बाहर करने के बाद 120 से अधिक पद रिक्त रह गए, लेकिन विभाग ने न संशोधित परिणाम जारी किया, न विस्तृत प्रतीक्षा सूची बनाई। समान परसेंटाइल पर भी अलग-अलग व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।

सुनवाई पर न अफसर पहुंचे,ना सरकारी वकील
मनोज नागले सहित सात अभ्यर्थियों ने अवमानना याचिका दायर की। 11 सितंबर 2025 को कोर्ट ने नोटिस जारी किए थे। 2 फरवरी की सुनवाई में अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जमानती वारंट जारी किया और अगली पेशी में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यही नहीं,विभाग की ओर से सरकारी वकील भी पाबंद नहीं किया गया।
ये हैं उम्मीदवारों की प्रमुख मांगें
— 120+ रिक्त पदों पर संशोधित परिणाम जारी हो।
— न्यूनतम अंकों वाले सभी डिप्लोमा धारकों को प्रतीक्षा सूची में शामिल किया जाए।
— मेरिट के आधार पर केवल डिप्लोमा धारकों से पद भरे जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *