सीरिया: असद शासन के पतन के बाद सेत ज़ैनब में पर्यटन ठप, सुरक्षा को लेकर अब भी चिंता

सेत ज़ैनब, दक्षिण दमिश्क में एक क्षेत्र है, जो सैय्यदा ज़ैनब की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है, जो पैगंबर मुहम्मद की पोती और चौथे मुस्लिम खलीफा अली इब्न अबी तालिब की बेटी हैं। यह क्षेत्र एक समय पर्यटकों से भरा रहता था, लेकिन बशार अल-असद के शासन के पतन के बाद से पर्यटन उद्योग लगभग समाप्त हो गया है।

दक्षिणी दमिश्क स्थित सेत ज़ैनब कभी सीरिया के सबसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में गिना जाता था। यहां स्थित सैय्यदा ज़ैनब की दरगाह दुनिया भर के शिया श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। यह दरगाह पैगंबर मुहम्मद की नातिन और चौथे खलीफा हज़रत अली इब्न अबी तालिब की पुत्री सैय्यदा ज़ैनब से जुड़ी हुई है।

हालांकि, बशार अल-असद के शासन के पतन के बाद इस क्षेत्र का पर्यटन उद्योग लगभग ठहर गया है। कभी हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहने वाला यह इलाका अब पहले जैसा रौनकभरा नहीं दिखाई देता।

खाड़ी देशों से सीमित संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु

स्थानीय लोगों के अनुसार, अब केवल ओमान, बहरीन और कुवैत जैसे देशों से ही कुछ श्रद्धालु छोटे-छोटे समूहों में यहां पहुंच रहे हैं। वहीं, इराक से आने वाले यात्रियों की संख्या में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। अब अधिकांश इराकी केवल पारिवारिक या वैवाहिक कारणों से ही सीरिया की यात्रा कर रहे हैं।

सुरक्षा स्थिति बनी सबसे बड़ी चुनौती

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में सीरियाई सुरक्षा बल तैनात हैं, लेकिन लोगों के मन से असुरक्षा की भावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। क्षेत्र में कट्टरपंथी संगठनों, विशेषकर आईएसआईएल (ISIS) की संभावित गतिविधियों को लेकर भी आशंकाएं बनी हुई हैं।

इसी कारण धार्मिक पर्यटन और सामान्य कारोबार दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा, कई साजिशें नाकाम

सीरियाई प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल के महीनों में सुरक्षा एजेंसियों ने आईएसआईएल से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल को गिरफ्तार किया, जिस पर सेत ज़ैनब क्षेत्र में विस्फोट की साजिश रचने का आरोप था।

इसके अलावा, दमिश्क में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की यात्राओं के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है ताकि किसी भी आतंकी घटना को रोका जा सके।

स्थानीय कारोबारियों की बदली रणनीति

विदेशी पर्यटकों की संख्या घटने के बाद होटल, रेस्तरां और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों से जुड़े कारोबारियों ने अब घरेलू ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। कई व्यापारी सीरियाई नागरिकों और स्थानीय श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक देश में स्थायी शांति और राजनीतिक स्थिरता नहीं आती, तब तक धार्मिक पर्यटन का पहले जैसा पुनरुद्धार होना कठिन रहेगा।

सेत ज़ैनब आज भी धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल बना हुआ है, लेकिन राजनीतिक बदलाव और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों ने इसकी पहचान को गहरा झटका दिया है। सरकार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पर्यटन को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही है, फिर भी स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भविष्य काफी हद तक क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता पर निर्भर करता है।