मध्य प्रदेश में करीब आठ साल बाद शासकीय कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू होने से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को राहत मिली है। हालांकि, स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षकों की पदोन्नति अब भी लंबित है। बताया जा रहा है कि करीब 35 हजार शिक्षकों का प्रमोशन टीईटी (Teacher Eligibility Test) से जुड़े प्रावधानों के कारण अटका हुआ है।
अन्य विभागों में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें आयोजित हो चुकी हैं और पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में इस मुद्दे का समाधान अभी नहीं हो पाया है।
क्यों अटका है शिक्षकों का प्रमोशन?
जानकारी के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग के संबंधित कैडर में लगभग 42 हजार शिक्षक हैं। इनमें से करीब 7 हजार शिक्षक ही टीईटी पात्रता पूरी करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक इस शर्त के कारण पदोन्नति के दायरे से बाहर हैं।
इसके अलावा, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लगभग 4 हजार शिक्षकों का मामला भी टीईटी संबंधी प्रावधानों के कारण लंबित बताया जा रहा है।
विभाग ने तैयार किए तीन विकल्प
सूत्रों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए तीन संभावित विकल्प तैयार कर शासन को भेजे हैं। विभाग ने इस विषय पर विधिक सलाह भी मांगी है ताकि पदोन्नति प्रक्रिया नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाई जा सके।
बताया जा रहा है कि कानूनी राय मिलने के बाद अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर सरकार आगे का निर्णय ले सकती है।
शिक्षक संगठनों की क्या है मांग?
शिक्षक संगठनों का कहना है कि अन्य कई संवर्गों में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शिक्षकों का मामला अब भी लंबित है। संगठनों ने सरकार से जल्द निर्णय लेकर योग्य शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
उनका तर्क है कि लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण शिक्षकों के करियर और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर असर पड़ रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
अब सभी की नजर शासन के फैसले और विधिक राय पर टिकी है। यदि सरकार टीईटी से जुड़े विवाद का समाधान निकालती है, तो हजारों शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल विभाग की ओर से अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
प्रमुख बातें
- मध्य प्रदेश में करीब 8 साल बाद प्रमोशन प्रक्रिया शुरू हुई।
- स्कूल शिक्षा विभाग में लगभग 35 हजार शिक्षकों का प्रमोशन लंबित।
- टीईटी पात्रता सबसे बड़ी बाधा बताई जा रही है।
- विभाग ने समाधान के लिए तीन विकल्प शासन को भेजे हैं।
- विधिक राय के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- शिक्षक संगठन जल्द पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षक अभी भी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। टीईटी पात्रता से जुड़े नियमों पर सरकार का अंतिम निर्णय आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लंबे समय से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया कब और किस रूप में आगे बढ़ेगी।