एमपी के कॉलेजों के लिए एकेडमिक कैलेंडर जारी, जानें यूजी-पीजी कक्षाओं, परीक्षाओं और रिजल्ट की पूरी टाइमलाइन

मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी महाविद्यालयों में नया सत्र एक जुलाई से शुरू हो चुका है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने एकेडमिक कैलेंडर सोमवार को जारी किया। यह सत्र शुरू होने के लगभग 20 दिन बाद आया है।

मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी महाविद्यालयों के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र का एकेडमिक कैलेंडर जारी कर दिया है। हालांकि नया सत्र 1 जुलाई से शुरू हो चुका था, लेकिन कैलेंडर करीब 20 दिन बाद जारी होने से कॉलेजों को अब तय समय में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी करनी होंगी।

कैलेंडर में पूरे सत्र के दौरान कक्षाओं, आंतरिक मूल्यांकन, प्रायोगिक परीक्षाओं, सेमेस्टर परीक्षाओं और परिणाम घोषित करने की समय-सारिणी तय की गई है।

यूजी छात्रों के लिए यह रहेगा शेड्यूल

स्नातक (यूजी) कक्षाओं का शैक्षणिक कार्य 1 जुलाई से 12 नवंबर तक चलेगा। आंतरिक मूल्यांकन अगस्त के पहले सप्ताह से सितंबर के अंतिम सप्ताह के बीच कराया जाएगा। वहीं प्रायोगिक परीक्षाएं 20 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होंगी।

यूजी सेमेस्टर परीक्षाएं 18 नवंबर से 10 दिसंबर तक होंगी और 31 दिसंबर तक परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।

पीजी प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं कब शुरू होंगी?

स्नातकोत्तर (पीजी) प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं 15 दिसंबर से शुरू होकर 25 अप्रैल 2027 तक संचालित होंगी। पीजी प्रायोगिक परीक्षाएं 1 अप्रैल से 20 अप्रैल 2027 के बीच आयोजित की जाएंगी, जबकि सेमेस्टर परीक्षाएं 1 मई से 23 मई 2027 तक होंगी।

प्रवेश प्रक्रिया के बीच जारी हुआ कैलेंडर

फिलहाल महाविद्यालयों में कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) के दूसरे चरण के तहत प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ऐसे में एकेडमिक कैलेंडर देरी से जारी होने के कारण शुरुआती शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब कॉलेजों को सीमित समय में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी गतिविधियां पूरी करनी होंगी।

183 कार्य दिवस में पूरा होगा सत्र

उच्च शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र के लिए 183 शैक्षणिक कार्य दिवस निर्धारित किए हैं। सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों को इसी कैलेंडर के अनुसार शिक्षण कार्य, मूल्यांकन और परीक्षाओं का संचालन करना होगा।

शिक्षाविदों का मानना है कि यदि एकेडमिक कैलेंडर प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही जारी किया जाए तो कॉलेजों को पूरे सत्र की योजना बनाने और शैक्षणिक गतिविधियों का बेहतर संचालन करने में सुविधा मिलती है।