संसद चलो मार्च: सीजेपी के नेताओं और समर्थकों ने की बड़ी रैली, दिल्ली पुलिस ने धारा 163 लागू की, मेट्रो स्टेशन बंद

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए, एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद

संसद चलो मार्च के लिए सीजेपी के नेताओं और समर्थकों ने बड़ी रैली निकाली है. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. यह मार्च संसद के लिए निकाला जा रहा है, जहां प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस मार्च को स्वतंत्र भारत में सबसे बड़ा मार्च बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने इसके लिए अनुमति नहीं दी है. इसके बावजूद, प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ रहे हैं और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.

संसद चलो मार्च की तैयारी

संसद चलो मार्च के लिए सीजेपी के नेताओं और समर्थकों ने बड़ी तैयारी की है. उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बड़ा जलसा आयोजित किया है, जहां से वे संसद के लिए पैदल मार्च निकालेंगे. इस मार्च में एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जो स्वतंत्र भारत में सबसे बड़ा मार्च हो सकता है.

इस मार्च का उद्देश्य शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना है, जो नीट-यूजी पेपर लीक मामले में आरोपित हैं. प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और संसद के बाहर धरना देंगे.

दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली पुलिस ने संसद चलो मार्च के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. उन्होंने जंतर मंतर और संसद के बीच के सभी मार्गों को सील कर दिया है और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया है.

इसके अलावा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई बैरिकेड्स लगाए हैं और उन्हें संसद के पास नहीं आने देने की कोशिश कर रही है. हालांकि, प्रदर्शनकारी संसद के लिए बढ़ रहे हैं और पुलिस के साथ उनकी झड़प हो सकती है.

संसद चलो मार्च के मुख्य बिंदु

संसद चलो मार्च के मुख्य बिंदु शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नीट-यूजी पेपर लीक मामले में न्याय की मांग है. प्रदर्शनकारी संसद के बाहर धरना देंगे और अपनी मांगों के लिए लड़ेंगे.

  • एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद
  • संसद के लिए पैदल मार्च
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

संसद चलो मार्च एक महत्वपूर्ण घटना है, जिसमें एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. यह मार्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नीट-यूजी पेपर लीक मामले में न्याय की मांग के लिए आयोजित किया जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी संसद के लिए बढ़ रहे हैं और पुलिस के साथ उनकी झड़प हो सकती है.

इस मार्च के परिणाम क्या होंगे, यह देखना दिलचस्प होगा. क्या प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को पूरा कर पाएंगे या पुलिस उन्हें रोकने में सफल होगी? यह तो समय ही बताएगा.