मध्य प्रदेश के दतिया में विधानसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने कड़ी निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ अफसरों को मध्यप्रदेश के बाहर से भेजा है। ये अफसर मतगणना तक दतिया में ही रहेंगे। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने दतिया चुनाव में पारदर्शिता के लिए यह फैसला लिया है। आयोग चाहता है कि चुनाव सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से हो। इसी वजह से मध्यप्रदेश के बाहर के तीन अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। ये तीनों अधिकारी दतिया पहुंच चुके हैं। मतगणना पूरी होने तक ये दतिया सर्किट हाउस में रहेंगे।
दतिया उपचुनाव: तीन बाहरी अफसरों की नियुक्ति
चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव में पारदर्शिता के लिए तीन वरिष्ठ अफसरों को मध्यप्रदेश के बाहर से भेजा है। ये अफसर मतगणना तक दतिया में ही रहेंगे। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने दतिया चुनाव में पारदर्शिता के लिए यह फैसला लिया है। आयोग चाहता है कि चुनाव सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से हो।
इन तीन अफसरों में से एक आईएएस अफसर विजय भारती पश्चिम बंगाल कैडर के हैं। वे 2005 बैच के हैं। उन्हें जनरल ऑब्जर्वर बनाया गया है। दूसरा अफसर कर्नाटक कैडर के 2006 बैच के आईपीएस अफसर के. थियागराजन है। उन्हें पुलिस ऑब्जर्वर बनाया गया है। तीसरा अफसर आईआरएस अफसर विशाल मलानी सेंट्रल सर्विस से हैं। वे 2015 बैच के हैं। उन्हें चुनावी खर्च का ऑब्जर्वर बनाया गया है।
दतिया उपचुनाव: चुनाव आयोग की योजना
चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव में पारदर्शिता के लिए कई कदम उठाए हैं। आयोग ने मतगणना के लिए वीवीपैट का उपयोग करने का फैसला किया है। इसके अलावा, आयोग ने ईवीएम का दूसरा रैंडमाइजेशन भी किया है।
आयोग ने चुनावी खर्च और आचार संहिता पर नजर रखने के लिए कई टीमें तैनात की हैं। इनमें एसएसटी और वीएसटी टीमें शामिल हैं। फ्लाइंग स्क्वाड भी संदिग्ध मामलों पर तुरंत कार्रवाई करता है।
दतिया उपचुनाव: तीनों अफसरों की जिम्मेदारी
इन तीन अफसरों की जिम्मेदारी अलग-अलग है। विजय भारती जनरल ऑब्जर्वर हैं, जबकि के. थियागराजन पुलिस ऑब्जर्वर हैं। विशाल मलानी चुनावी खर्च का ऑब्जर्वर है।
- तीन अफसरों की नियुक्ति दतिया उपचुनाव में पारदर्शिता के लिए की गई है।
- इन अफसरों की जिम्मेदारी अलग-अलग है।
- विजय भारती जनरल ऑब्जर्वर, के. थियागराजन पुलिस ऑब्जर्वर और विशाल मलानी चुनावी खर्च का ऑब्जर्वर हैं।
दतिया उपचुनाव: चुनाव आयोग की भविष्य की योजना
चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव में पारदर्शिता के लिए कई कदम उठाए हैं। आयोग ने मतगणना के लिए वीवीपैट का उपयोग करने का फैसला किया है। इसके अलावा, आयोग ने ईवीएम का दूसरा रैंडमाइजेशन भी किया है।
आयोग ने चुनावी खर्च और आचार संहिता पर नजर रखने के लिए कई टीमें तैनात की हैं। इनमें एसएसटी और वीएसटी टीमें शामिल हैं। फ्लाइंग स्क्वाड भी संदिग्ध मामलों पर तुरंत कार्रवाई करता है।