मध्य प्रदेश सरकार राज्य के छोटे और मध्यम शहरों के सुनियोजित विकास के लिए नया रोडमैप तैयार कर रही है। इसके तहत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) विभाग ने आने वाले 20 से 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई शहरों के नए मास्टर प्लान तैयार करने का काम तेज कर दिया है।
आधुनिक सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वे की मदद से शहरों के विस्तार, यातायात, आवास, औद्योगिक क्षेत्र, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तृत खाका तैयार किया जा रहा है।
बड़वानी का ड्राफ्ट मास्टर प्लान सबसे पहले जारी
इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले बड़वानी का ड्राफ्ट मास्टर प्लान सार्वजनिक किया गया है। अब इस मसौदे पर आम नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्राप्त सुझावों के आधार पर संशोधन करने के बाद अंतिम मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों और भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित करना है।
आधुनिक तकनीक से होगा शहरों का विकास
नए मास्टर प्लान तैयार करने में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन सर्वे और सैटेलाइट इमेज के जरिए भूमि उपयोग, सड़क नेटवर्क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं और भविष्य के विस्तार क्षेत्रों का सटीक आकलन किया जा रहा है।
इससे विकास योजनाओं को अधिक वैज्ञानिक और व्यावहारिक बनाया जा सकेगा।
मेट्रोपॉलिटन रीजन रणनीति पर भी काम
राज्य सरकार बड़े शहरों के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन की अवधारणा पर भी काम कर रही है। प्रस्तावित रणनीति के तहत भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित प्रमुख शहरों के लिए व्यापक क्षेत्रीय विकास योजना तैयार की जा सकती है।
इसी कारण इन बड़े शहरों के नए मास्टर प्लान पर अंतिम निर्णय अभी लंबित है। सरकार पहले क्षेत्रीय विकास मॉडल को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रही है।
क्या होगा मास्टर प्लान का फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार, नए मास्टर प्लान से शहरों में अनियोजित विकास पर रोक लगाने, ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का संतुलित विस्तार करने तथा जल, हरित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्य बातें
- मध्य प्रदेश में छोटे और मध्यम शहरों के नए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं।
- योजना 20 से 25 वर्षों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।
- बड़वानी का ड्राफ्ट मास्टर प्लान सबसे पहले सार्वजनिक किया गया।
- ड्रोन सर्वे और सैटेलाइट इमेजरी की मदद से विकास का खाका तैयार हो रहा है।
- आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां लेकर अंतिम मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
- भोपाल, इंदौर और उज्जैन के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन रणनीति पर भी काम जारी है।