बुधनी:20 साल के वीआईपी क्षेत्र में छात्रावास का रास्ता बंद, छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
बुधनी के अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का एप्रोच रोड दो वर्षों से बंद है। छात्राएं भीड़भाड़ वाले मैदान से आने-जाने को मजबूर हैं। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
मध्य प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधाओं के दावे करती है। वहीं, बुधनी में एक कन्या छात्रावास तक पहुंचने का रास्ता पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ा है। इससे छात्राओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
झाड़ियों में दबा एप्रोच रोड
शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर उत्कृष्ट कन्या छात्रावास का एप्रोच रोड झाड़ियों, कांटेदार पौधों और पेड़ों से पूरी तरह ढका हुआ है। नतीजतन कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को रोजाना दशहरा मैदान से होकर छात्रावास पहुंचना पड़ता है।
भीड़भाड़ वाले मैदान से गुजरने की मजबूरी
दशहरा मैदान बुधनी का प्रमुख आयोजन स्थल है, जहां राजनीतिक सभाएं, धार्मिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन, मेले और प्रशासनिक कार्यक्रम होते रहते हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान छात्राओं को बड़ी भीड़ के बीच से गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे सुरक्षा और निजता को लेकर चिंता बनी रहती है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
छात्रावास अधीक्षिका सीमा गढ़वाल के अनुसार, एप्रोच रोड की सफाई और मार्ग बहाल कराने के लिए नगर परिषद को पहले ही लिखित पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व पार्षद कंचन शर्मा ने सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि छात्राओं को सुरक्षित रास्ता तक उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तो विकास और सुरक्षा के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने एप्रोच रोड को तत्काल चालू कराने, मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर कांग्रेस इस मुद्दे को जोरशोर से उठाएगी।