मध्य प्रदेश सरकार की फ्री स्कूटी योजना पर अब समय सीमा का दबाव बढ़ गया है, सरकार की कई बड़ी योजनाओं का भविष्य अब एक डेडलाइन पर टिका है, यदि तय समय पर हिसाब नहीं दिया गया तो बजट अटक सकता है, यह मामला तीन बड़ी योजनाओं से जुड़ा है, पहली फ्री स्कूटी योजना है, दूसरी नमो हरित परियोजना है, तीसरी 16वें वित्त आयोग की सिफारिश है, इसके तहत स्थानीय निकायों को अगले पांच साल में करीब 11 हजार करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है, अगर विभाग समय पर हिसाब नहीं देते तो यह पूरी राशि खतरे में पड़ सकती है
फ्री स्कूटी योजना पर डेडलाइन का ब्रेक
मध्य प्रदेश सरकार की फ्री स्कूटी योजना पर अब समय सीमा का दबाव बढ़ गया है, सरकार की कई बड़ी योजनाओं का भविष्य अब एक डेडलाइन पर टिका है
यह मामला तीन बड़ी योजनाओं से जुड़ा है, पहली फ्री स्कूटी योजना है, दूसरी नमो हरित परियोजना है, तीसरी 16वें वित्त आयोग की सिफारिश है
नमो हरित परियोजना और 16वें वित्त आयोग की सिफारिश
नमो हरित परियोजना के तहत स्थानीय निकायों को अगले पांच साल में करीब 11 हजार करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है
16वें वित्त आयोग की सिफारिश के तहत स्थानीय निकायों को कुल ग्रांट में से हिस्सा मिलेगा, अनुमान है कि यह राशि लगभग 11 हजार करोड़ रुपए होगी
बीईएमएस पोर्टल पर डिजिटल डेटा एंट्री अनिवार्य
वित्त विभाग ने बीईएमएस पोर्टल पर डिजिटल डेटा एंट्री अनिवार्य कर दी है, इसका मकसद सरकारी पैसे की बर्बादी रोकना है
साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता लाना भी जरूरी माना गया है, 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के बीच एक सख्त नियम लागू रहेगा
- बीईएमएस पोर्टल पर डिजिटल डेटा एंट्री अनिवार्य है
- इसका मकसद सरकारी पैसे की बर्बादी रोकना है
- साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता लाना भी जरूरी माना गया है
सरकार की कार्रवाई और नागरिकों की प्रतिक्रिया
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पारदर्शिता जरूरी होगी, सभी स्वीकृत योजनाओं का पूरा ब्योरा बीईएमएस पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है
नागरिकों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी, वे नमो हरित परियोजना और 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के बारे में जान सकते हैं