जबलपुर: जबलपुर में पश्चिम मध्य रेलवे के मेडिकल क्लेम में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें कर्मचारियों ने इलाज के बिलों में हेराफेरी कर सरकारी पैसा हड़पने की साजिश हुई है, शुरुआती जांच में यह गड़बड़ी करीब 40 लाख रुपए की बताई जा रही है, मामले में दो क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है, रेलवे विजिलेंस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, जबलपुर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने दो कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है, उन्होंने कहा कि अनियमितता के चलते यह कार्रवाई की गई है, जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़ा सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं है, कटनी मंडल के कुछ कर्मचारियों के मेडिकल बिल भी संदिग्ध पाए गए हैं
रेलवे मेडिकल क्लेम घोटाला क्या है
जबलपुर में पश्चिम मध्य रेलवे के मेडिकल क्लेम में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें कर्मचारियों ने इलाज के बिलों में हेराफेरी कर सरकारी पैसा हड़पने की साजिश हुई है
शुरुआती जांच में यह गड़बड़ी करीब 40 लाख रुपए की बताई जा रही है, मामले में दो क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है, रेलवे विजिलेंस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है
जांच के परिणाम और आगे की कार्रवाई
जबलपुर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने दो कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है, उन्होंने कहा कि अनियमितता के चलते यह कार्रवाई की गई है
जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़ा सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं है, कटनी मंडल के कुछ कर्मचारियों के मेडिकल बिल भी संदिग्ध पाए गए हैं, रेलवे घोटाले की जांच के लिए विजिलेंस टीम का गठन किया गया है
मेडिकल क्लेम घोटाले के मुख्य बिंदु
मेडिकल क्लेम के करीब 19 मामलों में गड़बड़ी मिली है, फर्जी भुगतान की राशि 40 लाख रुपए से ज्यादा हो सकती है, अब तक दो कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, छह अन्य रेलकर्मी भी संदेह के घेरे में हैं
- मेडिकल क्लेम के करीब 19 मामलों में गड़बड़ी मिली है
- फर्जी भुगतान की राशि 40 लाख रुपए से ज्यादा हो सकती है
- अब तक दो कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, छह अन्य रेलकर्मी भी संदेह के घेरे में हैं
आगे की जांच और कार्रवाई
विजिलेंस टीम अब सभी संदिग्ध मामलों की बारीकी से पड़ताल कर रही है, जांच में अब तक कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, एक कर्मचारी के तीन महीने में दो मेडिकल क्लेम पास हुए, तीन-चार मामलों में जरूरी दस्तावेज अधूरे मिले हैं
जांच में कार्मिक और लेखा विभाग की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, मेडिकल क्लेम का भुगतान विभागीय परीक्षण के बाद ही होता है, ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत, दोनों एंगल पर जांच चल रही है, रेलवे घोटाले की खबरें के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें, रेलवे विजिलेंस जांच के परिणामों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें