प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से भारत-इंडोनेशिया संबंधों में नई ऊंचाइयां स्थापित होने की उम्मीद है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध दो सहस्र वर्ष पुराने हैं। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो ने 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था। इसके अलावा, दोनों देशों ने बांडुंग सम्मेलन 1955 और बाद में गैर-संरेखित आंदोलन के माध्यम से उपनिवेशवादी विश्व व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों का इतिहास
दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध दो सहस्त्र वर्ष पुराने हैं।
इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो ने 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था।
आधुनिक द्विपक्षीय संबंध
दोनों देशों ने 1991 में भारत की लुक ईस्ट पॉलिसी के बाद से संबंधों को मजबूत करना शुरू किया।
इसके बाद, 2014 में एक्ट ईस्ट पॉलिसी की घोषणा के बाद संबंध और तेजी से बढ़े।
India Indonesia Relations के मुख्य बिंदु
दोनों देशों ने 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों के 75 वर्ष पूरे किए।
- भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की।
- दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग पर साझा दृष्टि अपनाई।
- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने 2025 में भारत का दौरा किया।
भविष्य के संबंध
दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान जारी है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारत-इंडोनेशिया संबंध पर और अधिक जानकारी प्राप्त करें। इसके अलावा, इंडोनेशिया यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी पर हमारे अन्य लेख पढ़ें।