Yogini Ekadashi Vrat 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि श्रद्धा एवं विधि-विधान से इसे करने पर व्यक्ति को पापों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं तथा धन और वैभव के मार्ग खुलते हैं।
योगिनी एकादशी 2026 कब है?
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार), सुबह 08:10 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 11 जुलाई 2026 (शनिवार), सुबह 05:23 बजे
- व्रत पारण का समय: 11 जुलाई 2026 को दोपहर 01:50 बजे से शाम 04:36 बजे
योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से पूर्व में किए गए अनेक पापों का प्रायश्चित होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत मन की शुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं तथा विष्णु सहस्रनाम और विष्णु मंत्रों का जाप करते हैं।
योगिनी एकादशी के दिन करें ये 3 आसान उपाय
1. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और भगवान को पीले पुष्प, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग अर्पित करें। यदि संभव हो तो पूरे दिन व्रत रखकर फलाहार करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
2. जरूरतमंदों को दान दें
इस दिन अन्न, धन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद की सहायता करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। विशेष रूप से पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी या अन्य पीले रंग की वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और अन्न-धन की कमी नहीं रहती।
3. तुलसी माता की पूजा करें

तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। योगिनी एकादशी के दिन तुलसी की विधिवत पूजा करें, दीपक जलाएं और भगवान विष्णु का स्मरण करें। हालांकि धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं किया जाता, इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें।
योगिनी एकादशी व्रत में रखें इन बातों का ध्यान
- सुबह स्नान कर स्वच्छ एवं सात्विक वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
- सात्विक भोजन करें और तामसिक भोजन से बचें।
- क्रोध, असत्य और किसी का अपमान करने से बचें।
- अगले दिन निर्धारित समय में विधि-विधान से व्रत का पारण करें।
(Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। विभिन्न पंचांगों और परंपराओं के अनुसार तिथि एवं पूजा-विधि में अंतर संभव है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य आचार्य से परामर्श अवश्य करें।)
