कोलकाता के टाराटाला में बड़ा हादसा: गोदाम ढहने से 5 की मौत, 20 घायल

कोलकाता के टाराटाला इलाके में गोदाम ढहने से 5 लोगों की मौत और 20 लोग घायल हो गए। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के टाराटाला इलाके में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक गोदाम अचानक ढह गया। इस दुर्घटना में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया।

बचाव अभियान में जुटीं कई एजेंसियां

हादसे की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने की निष्पक्ष जांच की मांग

हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कल्याण बनर्जी ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

हादसे के कारणों की जांच शुरू

गोदाम ढहने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में निर्माण गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खामी, संरचनात्मक कमजोरी या किसी अन्य कारण से हुआ।

मुख्य बिंदु

  • कोलकाता के टाराटाला इलाके में गोदाम ढहने से 5 लोगों की मौत।
  • हादसे में करीब 20 लोग घायल हुए।
  • एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।
  • टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
  • लापरवाही मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई।
  • हादसे के कारणों की जांच जारी है।

टाराटाला गोदाम हादसा कोलकाता के हालिया वर्षों के गंभीर औद्योगिक हादसों में से एक माना जा रहा है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि प्रशासन घटना के कारणों की गहन जांच कर रहा है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी।