भारत सरकार ने साल 2003 में शुरू किए गए देश के Ethanol ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर अपनी पूरी जानकारी दी है। सरकार ने कहा है कि यह प्रोग्राम वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है और इस पर लगातार नजर रखी जाती है। भारत ने समय से पहले ही अपन E20 लक्ष्यों को हासिल कर लिया है और अब सरकार इससे भी ज्यादा Ethanol ब्लेंडिंग की ओर कदम बढ़ा रही है। एक तरफ इस कदम को देश की ऊर्जा सुरक्षा की तरफ बड़ा कदम माना जा रहा है तो वहीं सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे भी शुरू हो गए हैं।
भारत सरकार का जवाब
भारत सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रह दावों पर भी ध्यान दिया है। सरकार ने कहा है कि पुरानी तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर किया जा रहा है जिससे व्यूज बटोरे जा सके और Ethanol Blended Petrol को लेकर बिना वजह की चिंता पैदा की जा सके।
सरकार ने कहा है कि इस कार्यक्रम को तकनीकी तैयारी और स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत के आधार पर सही तरीके से लागू किया गया है जिसके बाद साल 2023 से 20 प्रतिशत E20 की शुरुआत हुई है। सरकार ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, ऑटोमोबाइल निर्माताओं, फ्यूल टेस्टिंग एजेंसियों के साथ मिलकर इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के लागू होने पर लगातार नजर रखती है।
पुरानी गाड़ियों को नुकसान
प्री BS-6 फेज-2 गाड़ियां या आसान शब्दों में अप्रैल 2023 से पहले बने वाहनों में E20 फ्यूल से दिक्कतें होने की संभावना ज्यादा होती है। इसी तरह, कार्बोरेटर इंजन वाली गाड़ियों या पुराने रबर और प्लास्टिक की फ्यूल लाइन्स वाली वाहनों में इसका खतरा ज्यादा हो सकता है।
लोकल सर्कल्स द्वारा किए गए सर्वे में भी यह साबित होता है। इसके मुताबिक, पुरानी गाड़ी मालिकों में से 28 प्रतिशत ने असामान्य टूट-फूट और रिपेयर की जरूरत की बात स्वीकारी है। इस सर्वे में देश के 331 जिलों के पेट्रोल वाहन मालिकों से 37,000 जवाब मिले।
E20 पेट्रोल के फायदे
भारत इस समय अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा फ्यूल दूसरे देशों से इंपोर्ट करता है जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है। US-Iran Conflict की वजह से दुनिया भर में फ्यूल की सप्लाई चेन में भारी रुकावट आई है जिसने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है।
भारत सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों पर ध्यान दिया है और कहा है कि पुरानी तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर किया जा रहा है जिससे व्यूज बटोरे जा सके और Ethanol Blended Petrol को लेकर बिना वजह की चिंता पैदा की जा सके।
सरकार ने कहा है कि इस कार्यक्रम को तकनीकी तैयारी और स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत के आधार पर सही तरीके से लागू किया गया है जिसके बाद साल 2023 से 20 प्रतिशत E20 की शुरुआत हुई है।