विदिशा से शुरू हुआ किसानों के लिए बड़ा जागरूकता अभियान, शिवराज सिंह चौहान ने धानुका एग्रीटेक की 5 ऑडियो वैन को दिखाई हरी झंडी

विदिशा। किसानों को नकली कृषि उत्पादों से होने वाले नुकसान से बचाने और प्रमाणित कृषि इनपुट्स के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के विदिशा में एक विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धानुका एग्रीटेक की पांच ऑडियो वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह अभियान ‘खेती बचाओ अभियान’ के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को सही कृषि उत्पादों की पहचान, आधुनिक कृषि तकनीकों और सुरक्षित खेती के तरीकों के बारे में जानकारी देना है।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया अभियान का महत्व

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के कारण किसानों को हर वर्ष भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में किसानों तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने किसानों से की अपील

  • प्रमाणित विक्रेताओं से ही कृषि उत्पाद खरीदें।
  • उत्पादों की पैकेजिंग और प्रमाणिकता की जांच करें।
  • QR कोड स्कैन कर उत्पाद की सत्यता सुनिश्चित करें।
  • किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी कृषि विभाग को दें।
  • आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं।

कैसे काम करेंगी ऑडियो वैन?

धानुका एग्रीटेक द्वारा संचालित ये पांच ऑडियो वैन आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इनमें उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले और सूचना सामग्री उपलब्ध होगी।

वैन किसानों को देंगी ये जानकारी

  • नकली और असली कृषि उत्पादों की पहचान
  • बीज, उर्वरक और कीटनाशकों का सही चयन
  • फसल रोग प्रबंधन के उपाय
  • कीट नियंत्रण की आधुनिक तकनीक
  • कृषि उत्पादों की डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया

इन वैनों के माध्यम से किसानों को गांव-गांव जाकर जागरूक किया जाएगा।

नकली कृषि उत्पाद क्यों बन रहे हैं बड़ी चुनौती?

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री में वृद्धि हुई है। इससे किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं और उत्पादन लागत बढ़ जाती है।

नकली उत्पादों से होने वाले नुकसान

  • फसल उत्पादन में कमी
  • मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव
  • किसानों की आय में गिरावट
  • कीट और रोग नियंत्रण में असफलता
  • पर्यावरणीय संतुलन पर असर

इसी समस्या से निपटने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं।

अगले 30 दिनों में 1.5 लाख किसानों तक पहुंचेगा अभियान

अभियान के तहत पांचों ऑडियो वैन अगले एक महीने तक मध्य प्रदेश के प्रमुख कृषि क्षेत्रों का दौरा करेंगी।

अभियान की प्रमुख विशेषताएं

  • 5 विशेष ऑडियो वैन
  • 12 प्रमुख कृषि जिलों में भ्रमण
  • लगभग 10,000 किलोमीटर की यात्रा
  • 1.5 लाख से अधिक किसानों तक पहुंच
  • डिजिटल जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम

इस व्यापक अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है।

किसानों ने की पहल की सराहना

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने इस अभियान का स्वागत किया। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार नकली कृषि उत्पादों की पहचान करना मुश्किल होता है। ऐसे में जागरूकता अभियान उन्हें सही निर्णय लेने में मदद करेगा।

कई किसानों ने यह भी कहा कि यदि ऐसी पहल नियमित रूप से चलती रही तो कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में सुधार देखने को मिलेगा।

भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की संभावना

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। साथ ही कृषि उत्पादों के लिए डिजिटल प्रमाणन प्रणाली को और मजबूत बनाकर किसानों को बेहतर सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।

इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालयों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और सरकारी एजेंसियों के सहयोग से किसानों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।

विदिशा से शुरू हुआ यह किसान जागरूकता अभियान कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नकली कृषि उत्पादों के खिलाफ जागरूकता फैलाकर किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराना न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि देश की कृषि व्यवस्था को भी अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाएगा।

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