Monsoon 2026: केरल पहुंचा मॉनसून, उत्तर भारत को गर्मी से जल्द मिलेगी राहत

भारत में लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आखिरकार केरल में दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। मॉनसून के आगमन के साथ ही दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है।

आमतौर पर केरल में मॉनसून 1 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष इसकी एंट्री कुछ दिनों की देरी से हुई है। मौसम विभाग ने पहले 26 मई तक मॉनसून के पहुंचने की संभावना जताई थी, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल न होने के कारण इसमें देरी हुई।

केरल में भारी बारिश का अलर्ट

IMD ने केरल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

  • अलप्पुझा
  • कोट्टायम
  • एर्नाकुलम

मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना

  • तिरुवनंतपुरम
  • कोल्लम
  • पत्तनमथिट्टा
  • इडुक्की
  • त्रिशूर

इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कब पहुंचेगा मॉनसून?

उत्तर भारत के लोग भीषण गर्मी और लू से परेशान हैं। ऐसे में मॉनसून राहत लेकर आने वाला है।

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दिल्ली में मॉनसून कब आएगा?

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में मॉनसून की सामान्य आगमन तिथि 25 से 30 जून के बीच रहती है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस वर्ष भी इसी अवधि में राजधानी में बारिश शुरू हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में मॉनसून की एंट्री

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मॉनसून लगभग 15 जून के आसपास पहुंच सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में बारिश का विस्तार होगा।

इस साल कैसी रहेगी मानसूनी बारिश?

IMD ने अपने संशोधित पूर्वानुमान में बताया है कि इस वर्ष देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

मुख्य अनुमान

  • देशभर में बारिश: दीर्घकालिक औसत (LPA) का लगभग 90%
  • राष्ट्रीय औसत मानसूनी वर्षा: 87 सेंटीमीटर
  • आंकड़े आधारित अवधि: 1971-2020

मौसम विभाग के अनुसार यदि बारिश LPA के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो उसे “अपर्याप्त वर्षा” की श्रेणी में रखा जाता है।

कम बारिश की वजह क्या हो सकती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष उभरती हुई अल-नीनो (El Niño) परिस्थितियां मानसून को प्रभावित कर सकती हैं।

अल-नीनो का प्रभाव

  • मानसूनी बादलों की गतिविधि कमजोर हो सकती है।
  • कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
  • कृषि और जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है।
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पूरे देश में कब तक पहुंचेगा मॉनसून?

मौसम विभाग के मॉडल के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 30 जून तक देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर सकता है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों को भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें (Highlights)

  • केरल में मॉनसून 2026 की आधिकारिक एंट्री।
  • कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी।
  • उत्तर प्रदेश में 15 जून के आसपास मॉनसून पहुंचने की संभावना।
  • दिल्ली में 25-30 जून के बीच बारिश शुरू हो सकती है।
  • IMD ने इस वर्ष सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया।
  • अल-नीनो मानसून को प्रभावित कर सकता है।

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