केरल : वेणुगोपाल की राह में मुस्लिम लीग बनी बाधक,नए सीएम के नाम पर रस्साकसी जारी

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तिरुवनंतपुरम।
केरल में कांग्रेस की जीत के बावजूद मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर असमंजस और अंदरूनी मतभेद अभी भी जारी हैं।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वी डी सतीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल के पक्ष में हैं, लेकिन कांग्रेस के सहयोगी संगठन मुस्लिम लीग के पेंच ने पार्टी की उलझन बढ़ा दी है।

मुस्लिम लीग ने फंसाया पेंच
​केरल में तस्वीर सबसे ज्यादा उलझी हुई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव जीत लिया है,लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।

सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर विधायक के सी वेणुगोपाल के पक्ष में हैं। वहीं,कांग्रेस की सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट में शामिल मुस्लिम लीग ने मामले में पेंच फंसा दिया है। लीग,वी डी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है।

अन्य राज्यों में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

देश के कई राज्यों में चुनावी नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है, लेकिन हर राज्य में तस्वीर अलग-अलग नजर आ रही है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी (Photo) ने आज सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली।

विजय राज्यपाल से फिर मिले

तमिलनाडु में विजय थलापति (Photo) अपनी दल की सरकार बनाने को लगातार प्रयासरत है। शानिवार शाम वह एक बार फिर राज्यपाल से मिले।

असम में हिमंता बिस्व सरमा का शपथ ग्रहण 12 मई को प्रस्तावित है। पुडुचेरी में भी सरकार गठन की प्रक्रिया तेज है।

केरल एक मात्र राज्य जहां मुख्यमंत्री पद का नाम अब तक तय नहीं हो सका। केरल में कांग्रेसनीत संगठन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने बहुमत हासिल किया है।

क्यों गहराता जा रहा क्लेश?

केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ रही है। उडुमा सीट से निर्वाचित कांग्रेस विधायक के नीलकांतन ने सीएलपी बैठक को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा- तिरुवनंतपुरम में हुई विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी पसंद को दर्ज ही नहीं किया गया।

उन्होंने इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन(Photo) को ईमेल के जरिए शिकायत भी भेजी।

विधायकों की पसंद वाली सूची की गोपनीयता भंग
कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक में रायशुमारी के लिए मुकुल वासनिक व अजय माकन को पर्यवेक्षक बनाया है।

इन्होंने विधायकों की पसंद के आधार पर एक सूची भी तैयार की,लेकिन यह सूची लेकर वासनिक बाहर आए तो वह इसकी गोपनीयता कायम नहीं रख सके।

बैठक कक्ष के बाहर मौजूद लोगों ने देखा कि सूची में विधायकों के नाम और मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी पसंद दर्ज थी।

कई विधायकों जैसे संदीप वारियर, संजीव जोसेफ, टी. ओ. मोहनन, सनी जोसेफ, उषा विजयन और टी. सिद्दीकी ने अपनी पसंद के तौर पर ‘केसी’ लिखा था, जिसे के सी वेणुगोपाल(Photo) के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं,आई. सी. बालकृष्णन के नाम के सामने “केसी+आरसी” लिखा था, जिसे रमेश चेन्निथला के समर्थन से जोड़कर देखा गया।

यह पसंद उजागर होने पर ही नीलकांतन ने कहा कि उन्होंने भी अपनी पसंद स्पष्ट रूप से बता दी थी, लेकिन सूची में उनके नाम के सामने कोई प्रविष्टि नहीं की गई,जो सवाल खड़े करता है।

देर रात तक नाम तय होने के संकेत
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वी डी सतीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक,इस मुद्दे को सुलझाने संभवतया आज शाम पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे विधायकों के साथ बैठक कर सकते हैं।

जिसमें राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व किसी एक नाम पर सर्वसम्मति बनाने का जतन करेगा। दावेदारों में केसी वेणुगोपाल का पलड़ा भारी है।