मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। इसमें प्रदेश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों को “ग्रासरूट से ग्लोबल” विकास मॉडल की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है।
व्यापार को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप (Photo) ने दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने मध्यप्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी है। जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे।
बोर्ड में विभागीय और गैर-सरकारी प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी।जो व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में कारगर होगी।
कश्यप ने बताया कि मध्य प्रदेश में निर्यात बढ़ाने जिला स्तरीय समितियां बनाई जाएंगी। इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की रणनीति तैयार होगी।
हजारों करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी
उन्होंने कहा कि बैठक में 38,555 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी मिली। इनमें 2,442 करोड़ रुपए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए होंगे।
जबकि 32,405 करोड़ रुपए सड़क और 16वें वित्त आयोग योजना अंतर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी के विकास पर व्यय होंगे।
उन्होंने कहा कि भोपाल के पास इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। वहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इसी तरह ‘मिशन वात्सल्य’ के लिए 2,412 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे नए आंगनवाड़ी केंद्र तैयार होंगे।
किसान और कृषि को भी राहत
इससे पहले बैठक को मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक 41लाख मीट्रिक टन गेंहू की खरीदी हो चुकी है। इसका 6520 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है।
सीएम ने कहा कि इंदौर में 9 से 13 जून तक कृषि आधारित अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन होगा। जिसमें 26 देश के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बैठक में मंत्रिमंडल सदस्यों ने चुनावी सफलता पर खुशी जताई और झालमुड़ी के साथ जश्न भी मनाया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जीत पर मतदाताओं का आभार जताया।