पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सोमवार को भोपाल समेत आधा दर्जन जिलों में तेज बारिश हुई।
वहीं नीमच जिले में ओले गिरे। बदले हुए मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिनकी पकी हुई फसल या तो खेत में खड़ी है,या कटाई जारी है।
🌧️ कई जिलों में बरसे बादल, कहीं गिरे ओले
मध्यप्रदेश में अचानक बदले मौसम ने कई जिलों को भिगो दिया।
भोपाल, मंदसौर, बैतूल और नीमच में तेज बारिश हुई, जबकि नीमच में ओलावृष्टि ने हालात बिगाड़े।
इंदौर, उज्जैन और धार में बादलों ने डेरा डाल रखा है।
⚠️ 6 जिलों में ओलावृष्टि, 10 में अलर्ट
मौसम विभाग ने खंडवा, बैतूल, देवास, नीमच, श्योपुर और खरगोन में आंधी-ओलों का अलर्ट जारी किया है।
वहीं छिंदवाड़ा, रतलाम, बालाघाट, सिवनी और अनूपपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है।
🌪️ क्यों बदला मौसम का मिजाज?
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आई नमी, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के एक्टिव होने से मौसम ने करवट ली है। यह सिस्टम 2 अप्रैल तक असर दिखाएगा।
🌾 किसानों के लिए चिंता, आमजन को राहत
खरगोन और उज्जैन के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान का खतरा है।
वहीं श्योपुर और धार में बारिश से गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन खेतों में कटी फसल पर संकट गहरा गया।
⏳ 3–4 दिन रहेगा असर
यह मौसम प्रणाली अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहकर पूरे प्रदेश में हलचल मचाएगी—कहीं राहत, तो कहीं आफत बनकर।