मध्य प्रदेश विधानसभा में नई परंपरा : पहली बार गूंजे ‘वंदे मातरम्’ के छहों अंतरे

भोपाल ।
मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा के तीसरे बजट सत्र का आगाज़ एक ऐतिहासिक क्षण के साथ हुआ।

सदन में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों का समवेत गायन किया गया। अब तक परंपरागत रूप से इसके केवल तीन अंतरे ही गाए जाते रहे थे।

गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत गायन का नया प्रोटोकॉल लागू किए जाने के बाद यह बदलाव देखने को मिला।

नए प्रोटोकॉल के तहत पूरा गीत गाया जाना अनिवार्य किया गया है। छहों अंतरों के गायन की कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड रही।

राज्यपाल के स्वागत में पूर्ण गान

सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई। करीब आठ मिनट बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल सदन में पहुंचे। उनके सम्मान में ‘वंदे मातरम्’ का समूह गान हुआ, जिसमें सभी छह अंतरे शामिल थे।

इसके बाद राज्यपाल ने अभिभाषण दिया। अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने टिप्पणी व शोर शराबा किया।

अभिभाषण लगातार बाधित होते देख अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने व्यवस्था दी कि राज्यपाल के अलावा किसी अन्य सदस्य की बात रिकॉर्ड में शामिल नहीं की जाएगी।

सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख

अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि 2023 के संकल्प पत्र के अधिकांश वादों को पूरा करने की दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे—

.उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण

.वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

.वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा

.पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवासों का निर्माण

.उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने की पहल

.नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कार्य

.सदन में विभिन्न दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि भी दी गई।

राज्यपाल का अभिभाषण हुआ बाधित
अभिभाषण के दौरान विपक्ष के शोरगुल के चलते राज्यपाल अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ सके। वह सिर्फ 19 मिनट ही सदन में रहे।

दोबारा सदन की बैठक होने पर अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल के लिखित अभिभाषण के कुछ अंश पढ़ने से रह गए,इन्हें पढ़ा हुआ माना जाए।

इसके बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सोमवार को सदन की कार्यवाही कुल 34 मिनट चली।

इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल के आगमन पर उनका स्वागत किया।

6 मार्च तक चलेंगे 12 सत्र दिवस
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा और कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं।
सत्र के लिए—

3478 प्रश्नों की सूचनाएं

236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

10 स्थगन प्रस्ताव

41 अशासकीय संकल्प

शून्यकाल में 83 प्रश्न प्राप्त हुए हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी, जो उनके उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ था।

विधानसभा में छहों अंतरों का गायन सांस्कृतिक विरासत को औपचारिक रूप से पूर्ण रूप में सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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