उम्मीद पर कायम मंत्री विजय शाह: लिखित माफीनामा पढ़ा,फिर दिल्ली पहुंचे

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रवि अवस्थी,भोपाल।
सैन्य महिला अधिकारी सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर मप्र के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने आज चौथी बार माफी मांगी। शाह इस बार पूरी तैयारी के साथ सामने आए। उन्होंने लिखा हुआ माफीनामा पढ़ा।

वीडियो जारी किया और अपने केस के सिलसिले में दिल्ली चले गए। शाह को उम्मीद है कि इस बार अदालत उनका माफीनामा स्वीकार करेगी। जबकि पहले तीन माफीनामे कोर्ट खारिज कर चुका है।

पढ़कर सुनाया लिखित माफीनामा

शाह ने शनिवार को एक बार फिर अपने बयान को लेकर माफी मांगी। इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया। इसमें वह लिखित बयान पढ़ते नजर आए।

इससे पहले उनके माफीनामों पर अदालत सख्त टिप्पणी कर चुकी है। एक बार इसे मगरमच्छ के आंसू कहा गया, तो दूसरी बार रिकॉर्ड में माफी का उल्लेख न होने पर इसे खारिज किया गया।

पहले माफीनामे पर हुई थी तीखी प्रतिक्रिया

गए साल 11 मई को इंदौर जिले के रायकुंडा गांव में सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी को लेकर दिए बयान के बाद विरोध बढ़ा। तब शाह ने माफी का वीडियो जारी किया, लेकिन उसमें माफी के बाद हंसते नजर आए। इस पर अदालत ने भी नाराजगी जताई। इसके बाद दो और माफीनामे आए,पर बात नहीं बनी।

सोमवार को होनी है अगली सुनवाई

हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश पर महू के मानपुर थाने में शाह के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। इसी मामले में शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होनी है। पिछली सुनवाई 19 जनवरी को हुई थी,जिसमें राज्य सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन स्वीकृति पर निर्णय लेने को कहा गया था।

सरकार के सामने दो रास्ते
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में विधि विशेषज्ञों के साथ मंथन के बाद दो विकल्प तय किए गए—
1.माफीनामे के आधार पर अदालत से राहत की कोशिश।
2.माफीनामा स्वीकार न होने पर जांच और अभियोजन स्वीकृति के लिए और समय मांगना।

माफीनामे में शब्दों पर खास ध्यान
सूत्रों के मुताबिक,चौथे माफीनामे की शब्दावली विधि विशेषज्ञों की राय से तैयार की गई। शाह ने इसमें कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा जरूरी है। उन्होंने आत्ममंथन किया है। जिम्मेदारी स्वीकार की है और भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने का भरोसा दिया है।